फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   हर अपराध का नतीजा है कड़ी सजा

हर अपराध का नतीजा है कड़ी सजा

Sun, 19 May 2019 01:51 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 19 May 2019 01:51 AM IST
विज्ञापन
हर अपराध का नतीजा है कड़ी सजा
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
विज्ञापन

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को पटेलनगर स्थित थाने में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। पाठशाला में पुलिस अधिकारियों ने बलूनी पब्लिक स्कूल के कक्षा दस के बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली समझायी।
प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक अनुज कुमार ने कहा कि हर एक अपराध का नतीजा कड़ी से कड़ी सजा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया जानकारी देने का एक अच्छा और बेहतर प्लेटफॉर्म है। ऐसे में सोशल मीडिया में कोई भी गलत, आपत्तिजनक या भड़काऊ मैसेज करने से बचें। उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई आपको परेशान कर रहा है तो छुपाए नहीं पुलिस को बताए। स्कूल के अध्यापक नरेंद्र सिंह नेगी ने पुलिस की पाठशाला की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों को सही जानकारी मिलने के साथ ही कानून की भी जानकारी होगी। कुछ भी गलत होने पर बच्चे आसानी से पुलिस को सूचित कर सकेंगे। नेगी ने कहा कि पुलिस समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से हम एक सुरक्षित समाज में रह पाते हैं।
विज्ञापन

18 की उम्र के बाद ही चलाएं वाहन
पाठशाला में थानाध्यक्ष सूर्यभूषण नेगी ने बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोई भी दुर्घटना होने की स्थिति में 100 नंबर पर कॉल करें। पुलिस जनता को सुरक्षित समाज देने के लिए काम करती है। साथ ही उन्होंने छात्रों को थाने में शिकायत करने और थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली समझाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस के हथियार देख उत्साहित हुए छात्र
पाठशाला में पुलिस अधिकारियों की ओर से छात्रों को पुलिस के हथियार भी दिखाए गए। पुलिस के हथियार देख छात्र उत्साहित दिखे। इस दौरान छात्रों को हथियारों के इस्तेमाल की भी जानकारी भी दी गई। इस मौके पर छात्रों ने सवाल करते हुए कहा कि आरोपी को पुलिस कैसे पकड़ती है। जिस पर पुलिस अधिकारियों ने जवाब देते हुए कहा कि सबूतों के आधार पर ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाता है। आरोप सिद्ध होने पर दोषी को जेल में बंद किया जाता है।

कानून सबके लिए बराबर
थानाध्यक्ष सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि कानून सबके लिए एक बराबर है। प्रत्येक अपराधी के साथ कानून के तहत कार्रवाई की जाती है। साथ ही उन्होंने जेल में कैदियों से उनकी क्षमता के अनुसार काम कराने की जानकारी दी। बताया कि काम के बदले कैदियों को मेहनताना भी मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed