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‘चलता-फिरता ज्ञानकोष थे श्रीधर’
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
पुरातत्वविद् पद्मश्री विष्णु श्रीधर वाकणकर के जन्मदिवस पर शनिवार को संस्कार भारती महानगर की ओर से विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने श्रीधर के जीवन और आदर्शों पर विचार रखे।
संस्कार भारती के प्रांतीय अध्यक्ष सतीश माथुर ने कहा कि श्रीधर एक चलता फिरता ज्ञानकोष थे। जिन्होंने अपना सर्वत्र जीवन पुरातत्व व इतिहास को समर्पित कर दिया। श्रीधर ने इतिहास के सही रूप को समाज के सामने लाने के लिए अपना पूरा जीवन व्यतीत कर दिया। ऐसे ज्ञानी व्यक्ति के बारे में युवा पीढ़ी को जानना आवश्यक है। इस अवसर पर भारतीय पुरातत्व विभाग के पुरातत्वविद् राजीव पांडेय को सम्मानित किया गया। गोष्ठी में अशोक शर्मा, बलदेव पराशर, अरुणा चावला, वीके बंसल, संध्या जोशी, ऋ तु गोयल, मधु मारवा, सावित्री काला, विमला गौड़ आदि मौजूद रहीं।
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पुरातत्वविद् पद्मश्री विष्णु श्रीधर वाकणकर के जन्मदिवस पर शनिवार को संस्कार भारती महानगर की ओर से विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में वक्ताओं ने श्रीधर के जीवन और आदर्शों पर विचार रखे।
संस्कार भारती के प्रांतीय अध्यक्ष सतीश माथुर ने कहा कि श्रीधर एक चलता फिरता ज्ञानकोष थे। जिन्होंने अपना सर्वत्र जीवन पुरातत्व व इतिहास को समर्पित कर दिया। श्रीधर ने इतिहास के सही रूप को समाज के सामने लाने के लिए अपना पूरा जीवन व्यतीत कर दिया। ऐसे ज्ञानी व्यक्ति के बारे में युवा पीढ़ी को जानना आवश्यक है। इस अवसर पर भारतीय पुरातत्व विभाग के पुरातत्वविद् राजीव पांडेय को सम्मानित किया गया। गोष्ठी में अशोक शर्मा, बलदेव पराशर, अरुणा चावला, वीके बंसल, संध्या जोशी, ऋ तु गोयल, मधु मारवा, सावित्री काला, विमला गौड़ आदि मौजूद रहीं।
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