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तकनीकी विकास और कानून के बदलते आयाम विषय पर इक्फाई विवि में दो दिवसीय सम्मेलन
Sun, 14 Apr 2019 10:28 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2019 10:28 AM IST
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तकनीकी विकास और कानून के बदलते आयाम विषय पर इक्फाई विवि में दो दिवसीय सम्मेलन शनिवार को शुरू हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एल. नागेश्वर ने किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में न्याय के क्षेत्र में तकनीकी का अहम योगदान है। मुकदमों की विवेचना हो या न्यायालयों में रिकॉर्ड रखने की बात सभी जगह प्रौद्योगिकी अपना रोल अदा कर रही है।
मौजूदा समय में पेपरलेस कोर्ट बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस समय कुछ अदालतों में ई-फाइलिंग का काम भी शुरू हो गया है। कार्यक्रम में 65 से अधिक विवि के छात्र-छात्राओं और 330 शोधकर्ताओं ने भाग लिया। शनिवार के कार्यक्रम का समापन उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा ने किया। इस अवसर पर स्कूल फॉर लीगल स्टडीज लखनऊ की प्रोफेसर प्रीति सक्सेना, प्रोफेसर डॉ. राजेश बहुगुणा प्रधानाचार्य लॉ कॉलेज देहरादून, नेशनल लॉ विवि कटक ओडिशा के डॉ. योगेश पी. सिंह आदि उपस्थित रहे।
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मौजूदा समय में पेपरलेस कोर्ट बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस समय कुछ अदालतों में ई-फाइलिंग का काम भी शुरू हो गया है। कार्यक्रम में 65 से अधिक विवि के छात्र-छात्राओं और 330 शोधकर्ताओं ने भाग लिया। शनिवार के कार्यक्रम का समापन उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा ने किया। इस अवसर पर स्कूल फॉर लीगल स्टडीज लखनऊ की प्रोफेसर प्रीति सक्सेना, प्रोफेसर डॉ. राजेश बहुगुणा प्रधानाचार्य लॉ कॉलेज देहरादून, नेशनल लॉ विवि कटक ओडिशा के डॉ. योगेश पी. सिंह आदि उपस्थित रहे।
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