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जमीन के फर्जीवाड़ा में पूर्व प्रधान और पंचायत सचिव से जवाब तलब
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर
ग्राम प्रधान के नेतृत्व में बनी भूमि प्रबंधन समिति ने मंदिर की पांच बीघा जमीन को एक प्राइवेट स्कूल संचालक के नाम कर दिया। इतना ही नहीं स्कूल संचालक ने सरकारी दस्तावेजों में भूमि को अपने नाम दर्ज भी करा लिया है। आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा सूचना मांगे जाने पर राजस्व विभाग ने सरकारी दस्तावेजों से स्कूल संचालक का नाम हटा दिया। अब इस मामले में एसडीएम ने तत्कालीन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को तलब किया है।
सुल्तानपुर क्षेत्र में पंचेवली गंगा नदी के किनारे पर जवाहर खान उर्फ झीवरहेड़ी गांव है। गंगातट पर ही पंचेश्वर महादेव मंदिर भी है। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल के पास ही एक ही स्थानीय ग्रामीण ने प्राइवेट स्कूल का संचालन कर रहा है। बताया जाता है कि वर्ष 2015 में मंदिर की भूमि की निगरानी के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान के नेतृत्व में भूमि प्रबंधन समिति गठित की गई थी, लेकिन भूमि प्रबंधन समिति ने मंदिर की पांच लाख कीमत से अधिक भूमि को स्कूल के नाम दान कर दिया तथा इतना ही नहीं इसके लिए बाकायदा प्रस्ताव भी पारित कर दिया। बताया जाता है कि प्रस्ताव के बाद तत्कालीन हल्का लेखपाल की संस्तुति किए जाने पर राजस्व विभाग ने खसरे में भी जमीन का स्वामित्व मंदिर की जगह से हटाकर स्कूल के नाम कर दिया। इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता विनय कुमार सैनी ने जब इस बाबत सूचना मांगी तो खुलासा हुआ। उसने इसकी शिकायत शासन-प्रशासन से की। राजस्व विभाग सरकारी दस्तावेजों में से स्कूल का नाम हटाकर जमीन को मंदिर के नाम दर्ज कर लिया। आरटीआई कार्यकर्ता ने पूरे मामले की शिकायत डीएम से की है। उधर, इस बाबत एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर तत्कालीन पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान को तलब किया गया है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम प्रधान के नेतृत्व में बनी भूमि प्रबंधन समिति ने मंदिर की पांच बीघा जमीन को एक प्राइवेट स्कूल संचालक के नाम कर दिया। इतना ही नहीं स्कूल संचालक ने सरकारी दस्तावेजों में भूमि को अपने नाम दर्ज भी करा लिया है। आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा सूचना मांगे जाने पर राजस्व विभाग ने सरकारी दस्तावेजों से स्कूल संचालक का नाम हटा दिया। अब इस मामले में एसडीएम ने तत्कालीन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को तलब किया है।
सुल्तानपुर क्षेत्र में पंचेवली गंगा नदी के किनारे पर जवाहर खान उर्फ झीवरहेड़ी गांव है। गंगातट पर ही पंचेश्वर महादेव मंदिर भी है। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल के पास ही एक ही स्थानीय ग्रामीण ने प्राइवेट स्कूल का संचालन कर रहा है। बताया जाता है कि वर्ष 2015 में मंदिर की भूमि की निगरानी के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान के नेतृत्व में भूमि प्रबंधन समिति गठित की गई थी, लेकिन भूमि प्रबंधन समिति ने मंदिर की पांच लाख कीमत से अधिक भूमि को स्कूल के नाम दान कर दिया तथा इतना ही नहीं इसके लिए बाकायदा प्रस्ताव भी पारित कर दिया। बताया जाता है कि प्रस्ताव के बाद तत्कालीन हल्का लेखपाल की संस्तुति किए जाने पर राजस्व विभाग ने खसरे में भी जमीन का स्वामित्व मंदिर की जगह से हटाकर स्कूल के नाम कर दिया। इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता विनय कुमार सैनी ने जब इस बाबत सूचना मांगी तो खुलासा हुआ। उसने इसकी शिकायत शासन-प्रशासन से की। राजस्व विभाग सरकारी दस्तावेजों में से स्कूल का नाम हटाकर जमीन को मंदिर के नाम दर्ज कर लिया। आरटीआई कार्यकर्ता ने पूरे मामले की शिकायत डीएम से की है। उधर, इस बाबत एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर तत्कालीन पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान को तलब किया गया है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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