{"_id":"5b4d01474f1c1b466d8b52fb","slug":"71531773255-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी स्कूलों को मनमानी की छूट नहीं : ऊषा नेगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी स्कूलों को मनमानी की छूट नहीं : ऊषा नेगी
Updated Tue, 17 Jul 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने निजी स्कूलों की मनमानी पर किसी भी प्रकार की छूट नहीं देने की बात कही है। ऊषा नेगी सोमवार को निजी स्कूलाें की मनमानी वसूली की शिकायतों पर सुनवाई कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने स्कूल प्रबंधन को शुल्क बढ़ोतरी से पहले अभिभावकों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान कई शिकायतों का निस्तारण भी किया गया।
बैठक में भानियावाला स्थित माउंट लिटेरा स्कूल की ओर से प्रबंधक पूरण सिंह वर्मा और उप प्रधानाचार्य उपस्थित हुए। आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अतिरिक्त शुल्क समाप्त करने के निर्देश दिए और अतिरिक्त शुल्क आगामी फीस में समायोजित करने की बात कही। नेगी ने कहा कि किसी भी स्कूल के द्वारा वार्षिक और डेवलपमेंट शुल्क के रूप में वसूली जा रही रकम पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गई। अगर कोई स्कूल किसी प्रकार का कोई शुल्क बढ़ाता है तो उससे पहले अभिभावक संघ के साथ बैठक करनी होगी। मुख्य शिक्षा अधिकारी की सहमति के बाद ही फीस में बढ़ोतरी की जानी चाहिए। सुनवाई के बाद माउंट लिटेरा स्कूल के तीन वर्ष के सभी प्रकरणों को समाप्त कर दिया। वहीं, कैनाल रोड स्थित सेंट जेवियर स्कूल की ओर से तीन बच्चों की टीसी न दिए जाने के मामले में टीसी स्थानांतरति करने के निर्देश दिए। इस दौरान आयोग को शहर नेहरू ग्राम स्थित द इंडियन स्कूल और माजरा स्थित ओलंपस स्कूल की ओर से फीस बढ़ोतरी और किताबों को अधिक दामों में खरीदने के लिए बाध्य करना आदि शिकायतें मिली। जिस पर आयोग की ओर से संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी कर 20 जुलाई को मुख्य शिक्षा अधिकारी को जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, दिव्यांग शिक्षकों और बच्चों की समस्या को लेकर राजेश्वर उनियाल ने छह महीने में दिव्यांग शिक्षकों की भर्ती की मांग रखी। इस संबंध में आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से बात कर जल्द ही समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया है। इस दौरान आयोग की सदस्य शैलेंद्र शेखर करगेती, शारदा त्रिपाठी, सीमा डोरा और अनुसचिव कामिनी गुप्ता मौजूद रहीं।
विज्ञापन
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने निजी स्कूलों की मनमानी पर किसी भी प्रकार की छूट नहीं देने की बात कही है। ऊषा नेगी सोमवार को निजी स्कूलाें की मनमानी वसूली की शिकायतों पर सुनवाई कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने स्कूल प्रबंधन को शुल्क बढ़ोतरी से पहले अभिभावकों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान कई शिकायतों का निस्तारण भी किया गया।
बैठक में भानियावाला स्थित माउंट लिटेरा स्कूल की ओर से प्रबंधक पूरण सिंह वर्मा और उप प्रधानाचार्य उपस्थित हुए। आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अतिरिक्त शुल्क समाप्त करने के निर्देश दिए और अतिरिक्त शुल्क आगामी फीस में समायोजित करने की बात कही। नेगी ने कहा कि किसी भी स्कूल के द्वारा वार्षिक और डेवलपमेंट शुल्क के रूप में वसूली जा रही रकम पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गई। अगर कोई स्कूल किसी प्रकार का कोई शुल्क बढ़ाता है तो उससे पहले अभिभावक संघ के साथ बैठक करनी होगी। मुख्य शिक्षा अधिकारी की सहमति के बाद ही फीस में बढ़ोतरी की जानी चाहिए। सुनवाई के बाद माउंट लिटेरा स्कूल के तीन वर्ष के सभी प्रकरणों को समाप्त कर दिया। वहीं, कैनाल रोड स्थित सेंट जेवियर स्कूल की ओर से तीन बच्चों की टीसी न दिए जाने के मामले में टीसी स्थानांतरति करने के निर्देश दिए। इस दौरान आयोग को शहर नेहरू ग्राम स्थित द इंडियन स्कूल और माजरा स्थित ओलंपस स्कूल की ओर से फीस बढ़ोतरी और किताबों को अधिक दामों में खरीदने के लिए बाध्य करना आदि शिकायतें मिली। जिस पर आयोग की ओर से संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी कर 20 जुलाई को मुख्य शिक्षा अधिकारी को जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, दिव्यांग शिक्षकों और बच्चों की समस्या को लेकर राजेश्वर उनियाल ने छह महीने में दिव्यांग शिक्षकों की भर्ती की मांग रखी। इस संबंध में आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से बात कर जल्द ही समस्या का हल निकालने का आश्वासन दिया है। इस दौरान आयोग की सदस्य शैलेंद्र शेखर करगेती, शारदा त्रिपाठी, सीमा डोरा और अनुसचिव कामिनी गुप्ता मौजूद रहीं।
विज्ञापन