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अफसरों की निजी गाड़ियां नहीं चलाने की चेतावनी
Updated Fri, 18 May 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजकीय वाहन चालक संघ ने अफसरों की निजी गाड़ियां नहीं चलाने की चेतावनी के साथ आंदोलन के लिए हुंकार भरी है। वाहन चालक केंद्र के समान सातवें वेतनमान के भत्तोें का भुगतान, राज्य संपत्ति विभाग के वाहन चालकों को सचिवालय प्रशासन में संविलियन करने, सभी सरकारी वाहन चालकों को समूह ग की तरह 2800 से लेकर 4800 तक का ग्र्रेड पे देने, जैसी मांगों को लेकर लामबंद हैं।
राजकीय वाहन चालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सबर सिंह रावत की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को वाहन चालक संघ भवन में बैठक के दौरान 20 मई को प्रांतीय बैठक कराने पर सहमति बनी। बैठक में प्रदेश संगठन के मुख्य पदाधिकारी शामिल होंगे और इसी दौरान आंदोलन की अंतिम रूपरेखा तय की जाएगी। वक्ताओं के अनुसार महासंघ की बैठक के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की जाएगी। बैठक में राजकीय वाहन चालकों को सचिवालय वाहन चालकों की भांति वर्दी भत्ता बैंक खाते में जमा कराने, संविदा वाहन चालकोें को सभी नियमितीकरण करने, स्थानांतरण नीति से बाहर रखे जाने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अलावा सरकारी विभागों में टैक्सी व ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, वाहन चालक से निजी गाड़ियां चलाने, बायोमीट्रिक हस्ताक्षर में छूट, समान कार्य समान वेतन, रिफ्रेशर कोर्स की व्यवस्था समाप्त करने की मांग उठायी। बैठक में चालक संघ के प्रदेश महासचिव शिवानंद, महामंत्री संदीप कुमार मौर्या, प्रदेश सचिव मनोहर सिंह जीना, महेश जोशी, सिंचाई विभाग के नागेंद्र सिंह जिलाध्यक्ष कमल सिंह रावत, शिवकुमार, मोहर सिंह, महेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, वीर सिंह बागड़ी आदि उपस्थित रहे।
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राजकीय वाहन चालक संघ ने अफसरों की निजी गाड़ियां नहीं चलाने की चेतावनी के साथ आंदोलन के लिए हुंकार भरी है। वाहन चालक केंद्र के समान सातवें वेतनमान के भत्तोें का भुगतान, राज्य संपत्ति विभाग के वाहन चालकों को सचिवालय प्रशासन में संविलियन करने, सभी सरकारी वाहन चालकों को समूह ग की तरह 2800 से लेकर 4800 तक का ग्र्रेड पे देने, जैसी मांगों को लेकर लामबंद हैं।
राजकीय वाहन चालक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सबर सिंह रावत की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को वाहन चालक संघ भवन में बैठक के दौरान 20 मई को प्रांतीय बैठक कराने पर सहमति बनी। बैठक में प्रदेश संगठन के मुख्य पदाधिकारी शामिल होंगे और इसी दौरान आंदोलन की अंतिम रूपरेखा तय की जाएगी। वक्ताओं के अनुसार महासंघ की बैठक के बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की जाएगी। बैठक में राजकीय वाहन चालकों को सचिवालय वाहन चालकों की भांति वर्दी भत्ता बैंक खाते में जमा कराने, संविदा वाहन चालकोें को सभी नियमितीकरण करने, स्थानांतरण नीति से बाहर रखे जाने जैसे कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अलावा सरकारी विभागों में टैक्सी व ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, वाहन चालक से निजी गाड़ियां चलाने, बायोमीट्रिक हस्ताक्षर में छूट, समान कार्य समान वेतन, रिफ्रेशर कोर्स की व्यवस्था समाप्त करने की मांग उठायी। बैठक में चालक संघ के प्रदेश महासचिव शिवानंद, महामंत्री संदीप कुमार मौर्या, प्रदेश सचिव मनोहर सिंह जीना, महेश जोशी, सिंचाई विभाग के नागेंद्र सिंह जिलाध्यक्ष कमल सिंह रावत, शिवकुमार, मोहर सिंह, महेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, वीर सिंह बागड़ी आदि उपस्थित रहे।
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