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नमामि गंगे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनेंगे जलीय जीव जंतु

Mon, 07 May 2018 12:45 AM IST
Updated Mon, 07 May 2018 12:45 AM IST
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नमामि गंगे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनेंगे जलीय जीव जंतु
रुड़की। गंगा की अविरलता व निर्मलता को लेकर बने नमामि गंगे प्रोजेक्ट में अब जलीय जीव-जंतु भी अपना योगदान देंगे। हालांकि यह जीव-जंतु पहले से गंगा की सफाई में अपना सहयोग देते हैं, लेकिन इनका दायरा अभी सीमित है। अब वन विभाग विशेष प्रजाति के कछुओं और मगरमच्छों का संरक्षण कर इन्हें प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाने की तैयारी कर रहा है। विभाग की यह पहल परवान चढ़ेगी तो यह जलीय जीव जंतु गंगा सागर तक गंगा की सफाई में सहायक होंगे। गंगा सफाई में इस तरह की अनूठी पहल करने वाला हरिद्वार वन प्रभाग देश का पहला विभाग है।
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नमामि गंगे प्रोजेक्ट पर वन विभाग, गंगा प्रदूषण इकाई बोर्ड, सिंचाई विभाग, नगर निगम व उद्योग विभाग काम कर रहे हैं। इनके साथ-साथ कई सामाजिक संस्थाएं भी काम कर रही हैं। गंगा की स्वच्छता को लेकर वन विभाग गंगा किनारे पानी के स्त्रोतों की स्वच्छता व पर्यावरण समेत कई कार्य कर रहा था। अब विभाग गंगा की स्वच्छता को लेकर जलीय जीव-जंतुओं को नमामि गंगे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनाने जा रहा है। गंगा में पाए जाने वाले विशेष प्रजाति के कछुआ, मगरमच्छ व मछलियां गंगा की गंदगी को साफ करने में अपना योगदान देती हैं। एक ओर कछुआ पानी की गंदगी को खाकर, मगरमच्छ पानी में मरने वाली जीवों का खाकर गंगा की सफाई में सहयोग देते हैं। मछलियां भी पानी की गंदगी में अपना भोजन तलाशती हैं। यह जलीय जीव-जंतु फिलहाल लक्सर और उसके आसपास के क्षेत्र तक सीमित हैं। अधिकारियों के मुताबिक इनके संरक्षण की योजना है। इसको लेकर लक्सर क्षेत्र में सर्वे का काम वन विभाग कर रहा है। इसके तहत पता लगाया जा रहा है कि कौन सी प्रजाति के जलीय जीव-जंतु कम हैं। अधिकारियों के अनुसार मछलियां वन विभाग के अंतर्गत नहीं आती हैं। इसलिए फिलहाल योजना में केवल कछुओं और मगरमच्छ को शामिल किया गया है। योजना को धरातल पर उतरने में करीब चार माह का समय लगेगा।
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पानी की गुणवत्ता भी बताएंगे जलीय जीव जंतु
गंगा की सफाई में सहायक जलीय जीव-जंतु पानी की गुणवत्ता भी बताएंगे। अधिकारियों के मुताबिक गंगा के जिन क्षेत्रों में इन जलीय जीव जंतुओं की अधिकता पाई जाएगी। यह इस बात का संकेत होगा कि उन जगहों पर गंगा का पानी स्वच्छ है। यह विशेष प्रजाति के जलीय जीव-जंतु स्वच्छ और अनुकूल माहौल में ही अंडे देते हैं।
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असीमित क्षेत्र तक सफाई मेें सहायक होंगे
अधिकारियों के अनुसार यह विशेष प्रजाति के जलीय जीव-जंतु गंगा के पानी के बहाव में आगे बढ़ते जाएंगे। ऐसे में आगे जिन जगहों पर गंगा का पानी गंदा होगा। यह जलीय जीव जंतु वहां पानी साफ करने में सहायक होंगे। ऐसे में यह जलीय जीव-जंतु गंगा में असीमित क्षेत्र तक सफाई में अपना योगदान देंगे। गंगा गोमुख से शुरू होकर पश्चिम बंगाल में गंगा सागर में मिलती हैं।

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इस दिशा में काम चल रहा है। योजना को मोटे तौर पर सहमति मिल चुकी है। फिलहाल डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में शामिल नहीं है। प्रयासों को धरातल पर आने में करीब चार माह का समय लगेगा।
-आकाश वर्मा, डीएफओ हरिद्वार वन प्रभाग
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