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विज्ञान प्रदर्शनी में दिखी बच्चों की प्रतिभा
Updated Sat, 20 Jan 2018 01:57 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सीबीएसई की ओर से शुक्रवार को एशियन स्कूल में शुरू हुई तीन दिवसीय क्षेत्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों ने वैज्ञानिक प्रतिभा दिखाई। एक ओर बच्चों ने अपने मॉडल से भविष्य के भारत की झलक दिखाई तो दूसरी ओर उन्होंने समाज और देश की समस्याओं का समाधान करने की कोशिश की।
एशियन स्कूल में 30 विद्यालयों के छात्र अपने साइंस मॉडल लेकर पहुंचे थे। प्रदर्शनी में एशियन स्कूल के छात्र प्रियांशु बुटोला ने रोबोटिस के प्रयोग से औद्योगिक इकाईयों और शारीरिक अक्षमता दूर करने का मॉडल बनाया। दून हेरिटेज स्कूल के छात्रों ने आर्मी कैंप की अचूक सुरक्षा पर मॉडल बनाया है, जिसे गार्डिंग द बॉर्डर नाम दिया गया है। स्कॉलर्स होम स्कूल के छात्र अमित मौर्य व नितेश कटारिया ने सेल्फ सस्टेनिंग फ्लाईओवर बनाया है, जिससे बिजली पैदा होगी। डीएवी पब्लिक स्कूल कोटद्वार के छात्र अभिमन्यु जदली की टीम ने सर्दियों से बचाव को खास जैकेट पेश की है, जिसमें पॉकेट हीटर लगाए गए हैं। इसके अलावा कई और स्कूलों के छात्रों के मॉडल काफी सराहे गए। प्रिंसिपल एके दास ने बताया कि छात्रों को कोई परेशानी न हो, इसलिए एक कक्ष में तीन से ज्यादा मॉडल नहीं हैं। हर स्कूल के 10 छात्र-शिक्षकों के साथ प्रदर्शनी देखने आएंगे। यहां से विजेता छात्रों को राष्ट्रीय प्रदर्शनी में जाने का मौका मिलेगा।
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सीबीएसई की ओर से शुक्रवार को एशियन स्कूल में शुरू हुई तीन दिवसीय क्षेत्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों ने वैज्ञानिक प्रतिभा दिखाई। एक ओर बच्चों ने अपने मॉडल से भविष्य के भारत की झलक दिखाई तो दूसरी ओर उन्होंने समाज और देश की समस्याओं का समाधान करने की कोशिश की।
एशियन स्कूल में 30 विद्यालयों के छात्र अपने साइंस मॉडल लेकर पहुंचे थे। प्रदर्शनी में एशियन स्कूल के छात्र प्रियांशु बुटोला ने रोबोटिस के प्रयोग से औद्योगिक इकाईयों और शारीरिक अक्षमता दूर करने का मॉडल बनाया। दून हेरिटेज स्कूल के छात्रों ने आर्मी कैंप की अचूक सुरक्षा पर मॉडल बनाया है, जिसे गार्डिंग द बॉर्डर नाम दिया गया है। स्कॉलर्स होम स्कूल के छात्र अमित मौर्य व नितेश कटारिया ने सेल्फ सस्टेनिंग फ्लाईओवर बनाया है, जिससे बिजली पैदा होगी। डीएवी पब्लिक स्कूल कोटद्वार के छात्र अभिमन्यु जदली की टीम ने सर्दियों से बचाव को खास जैकेट पेश की है, जिसमें पॉकेट हीटर लगाए गए हैं। इसके अलावा कई और स्कूलों के छात्रों के मॉडल काफी सराहे गए। प्रिंसिपल एके दास ने बताया कि छात्रों को कोई परेशानी न हो, इसलिए एक कक्ष में तीन से ज्यादा मॉडल नहीं हैं। हर स्कूल के 10 छात्र-शिक्षकों के साथ प्रदर्शनी देखने आएंगे। यहां से विजेता छात्रों को राष्ट्रीय प्रदर्शनी में जाने का मौका मिलेगा।
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