{"_id":"66f344955e7314adf50f7904","slug":"65-crore-sanctioned-for-police-station-dehradun-news-c-5-1-drn1008-509775-2024-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: थाने चौकी और आवासीय भवन निर्माण के लिए पुलिस को मिले 65 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: थाने चौकी और आवासीय भवन निर्माण के लिए पुलिस को मिले 65 करोड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
देहरादून। उत्तराखंड पुलिस के कई थानों और चौकियों को अब जल्द ही नए अपने भवन मिल जाएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार से विशेष सहायता योजना के तहत 65 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इस राशि से 156 आवासीय भवन भी बनाए जाएंगे। इससे पुलिस के कामकाज से लेकर रहन सहन के स्तर में भी बढ़ोतरी होगी। पिछले दिनों स्वीकृत हुई यह राशि पुलिस के लिए किसी सौगात से कम नहीं है।
बता दें कि प्रदेश में कई थाने और चौकियां ऐसे हैं जिनके लिए जमीन तो है लेकिन भवन बनाने के लिए पुलिस के पास पैसे नहीं हैं। ऐसे में इन थाने-चौकियों को किसी किराए के भवन में ही चलाया जा रहा है। कहीं सरकारी विभाग के भवनों का इस्तेमाल किया जा रहा है तो कई जगह निजी भवनों को किराए पर लिया गया है। इसे लेकर कई सालों से पुलिस बजट की बाट जोह रही थी। अब केंद्र सरकार की विशेष सहायता योजना से पुलिस के लिए कुल 65.38 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 28.09 करोड़ रुपये आवासीय भवनों के निर्माण में खर्च किए जाएंगे। जबकि, 37.29 करोड़ रुपये में छह पुलिस थानों और 14 चौकियों के भवनों का निर्माण किया जाएगा।
डीजीपी अभिनव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस संबंध में वार्ता की गई थी। उनके प्रयास से ही गत 20 सितंबर को केंद्र सरकार से यह राशि स्वीकृत हुई है। भवनों के निर्माण से राज्य की कानून व्यवस्था मजबूत होगी। इन परियोजनाओं के तहत बनने वाले भवनों से पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा। जल्द ही इस राशि से भवनों का निर्माण भी शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
12 और 27 चौकियों के पास भूमि है पर भवन नहीं
बता दें कि राजस्व क्षेत्र से नियमित पुलिस के पास आए क्षेत्र से पहले तक प्रदेश में कुल 160 थाने और 237 चौकियां हैं। राजस्व क्षेत्रों में छह थाने और 20 चौकियां और स्वीकृत हुई हैं। इन 160 थानों में से 12 थानों के लिए जमीन तो हैं लेकिन भवन नहीं हैं। जबकि, 27 चौकियों के लिए जमीन का इंतजाम काफी पहले हो चुका था मगर यहां भवन बनाने के लिए पुलिस के पास पैसे नहीं थे। अब 10 थाने और 81 चौकियां ऐसी हैं जिनके लिए जमीन की व्यवस्था नहीं हो पाई है। पुलिस लगातार इस संबंध में प्रयास कर रही है।
तीन दिन के कुमाऊं दौरे पर डीजीपी
डीजीपी अभिनव कुमार बुधवार से तीन दिन के कुमाऊं दौरे पर रहेंगे। उन्होंने बताया कि यहां कानून व्यवस्था से संबंधित बैठकें की जाएंगी। पुलिस के कामकाज में किस तरह से बदलाव लाया जा सकता है इस संबंध में अधिकारियों से चर्चा की जाएंगी। पिछले दिनों लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश पुलिस कप्तानों को दिए जाएंगे। कुमाऊं में किन-किन व्यवस्थाओं की जरूरत और पुलिसकर्मियों की समस्याओं की जानकारी भी की जाएगी।
बता दें कि प्रदेश में कई थाने और चौकियां ऐसे हैं जिनके लिए जमीन तो है लेकिन भवन बनाने के लिए पुलिस के पास पैसे नहीं हैं। ऐसे में इन थाने-चौकियों को किसी किराए के भवन में ही चलाया जा रहा है। कहीं सरकारी विभाग के भवनों का इस्तेमाल किया जा रहा है तो कई जगह निजी भवनों को किराए पर लिया गया है। इसे लेकर कई सालों से पुलिस बजट की बाट जोह रही थी। अब केंद्र सरकार की विशेष सहायता योजना से पुलिस के लिए कुल 65.38 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 28.09 करोड़ रुपये आवासीय भवनों के निर्माण में खर्च किए जाएंगे। जबकि, 37.29 करोड़ रुपये में छह पुलिस थानों और 14 चौकियों के भवनों का निर्माण किया जाएगा।
विज्ञापन
डीजीपी अभिनव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस संबंध में वार्ता की गई थी। उनके प्रयास से ही गत 20 सितंबर को केंद्र सरकार से यह राशि स्वीकृत हुई है। भवनों के निर्माण से राज्य की कानून व्यवस्था मजबूत होगी। इन परियोजनाओं के तहत बनने वाले भवनों से पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा। जल्द ही इस राशि से भवनों का निर्माण भी शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
12 और 27 चौकियों के पास भूमि है पर भवन नहीं
बता दें कि राजस्व क्षेत्र से नियमित पुलिस के पास आए क्षेत्र से पहले तक प्रदेश में कुल 160 थाने और 237 चौकियां हैं। राजस्व क्षेत्रों में छह थाने और 20 चौकियां और स्वीकृत हुई हैं। इन 160 थानों में से 12 थानों के लिए जमीन तो हैं लेकिन भवन नहीं हैं। जबकि, 27 चौकियों के लिए जमीन का इंतजाम काफी पहले हो चुका था मगर यहां भवन बनाने के लिए पुलिस के पास पैसे नहीं थे। अब 10 थाने और 81 चौकियां ऐसी हैं जिनके लिए जमीन की व्यवस्था नहीं हो पाई है। पुलिस लगातार इस संबंध में प्रयास कर रही है।
तीन दिन के कुमाऊं दौरे पर डीजीपी
डीजीपी अभिनव कुमार बुधवार से तीन दिन के कुमाऊं दौरे पर रहेंगे। उन्होंने बताया कि यहां कानून व्यवस्था से संबंधित बैठकें की जाएंगी। पुलिस के कामकाज में किस तरह से बदलाव लाया जा सकता है इस संबंध में अधिकारियों से चर्चा की जाएंगी। पिछले दिनों लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश पुलिस कप्तानों को दिए जाएंगे। कुमाऊं में किन-किन व्यवस्थाओं की जरूरत और पुलिसकर्मियों की समस्याओं की जानकारी भी की जाएगी।