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सामूहिक विवाह में आठ जोड़ों ने एक-दूजे का हाथ थामकर अग्नि के आगे लिए सात फेरे
Mon, 13 May 2019 09:10 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 13 May 2019 09:10 AM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : Media India Group
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श्री पृथ्वीनाथ महादेव सेवादल की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह में आठ जोड़ों ने एक-दूजे का हाथ थामकर अग्नि के आगे सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का वचन लिया। उसके बाद सेवादारों ने एक साथ बेटियों को विदा किया। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन रहा।
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सहारनपुर रोड स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में रविवार को परम पूज्य महंत श्रीश्री 108 रविंद्र पुरी के पावन सानिध्य में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर निर्धन परिवारों की आठ कन्याओं का विधि-विधान से विवाह कराया गया। साथ ही बारातियों के लिए भोजन की भी व्यवस्था की। इसके बाद पृथ्वीनाथ मंदिर में सजे पंडाल में फेरे कराए गए। इस दौरान पूरा पंडाल शादी के गीतों से गुंजायमान रहा। आयोजन में शामिल लोगों ने नए युगलों की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। साथ ही कन्याओं को गृहस्थी का सामान भेंट किया। महंत रविंद्र पुरी ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ व ‘पर्यावरण संरक्षण’ का संदेश दिया।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि धनिकों को कमजोर वर्ग की कन्याओं के विवाह में सहयोग करना चाहिए। इस दौरान सेवादार संजय गर्ग ने बताया कि पिछले माह निकाली र्गई बालाजी महाराज की शोभायात्रा के खर्च में कटौती के बचत से गरीब परिवारों की कन्याओं का विवाह कराया गया है। इस अवसर पर दिगंबर भगवत पुरी, दिगंबर दिनेश पुरी, कुंवर जपिंदर, आचार्य विपिन जोशी, पं. भारत भूषण भट्ट, रमा गोयल, अशोक कुमार अग्रवाल, राजेंद्र आनंद, राजकुमार गुप्ता, प्रीति गुप्ता, विक्की गोयल, विनय गोयल, अनुराग आहूजा आदि मौजूद रहे।
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लोगों ने किया बढ़-चढ़कर कन्यादान
आठ कन्याओं के सामूहिक विवाह में जिनके परिवार में बेटियां नहीं है उन लोगों ने बढ़-चढ़कर कन्यादान किया। इस दौरान ज्योति स्वरूप सोनी और चिरंजीव लाल नंदा ने बताया कि उनके पास दो बेटे हैं। बेटी न होने का मलाल उन्हें हमेशा खलता रहता है। ऐसे में सामूहिक कन्या विवाह जैसे कार्यक्रम में वह बेटियों के लिए अपनी इच्छा से दान करते आ रहे हैं।