फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Children Commission strict on fee increase of private schools

निजी स्कूलों के मनमाने शुल्क वृद्धि पर बाल आयोग का रुख सख्त, रिपोर्ट तलब

Thu, 09 May 2019 08:55 AM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Thu, 09 May 2019 08:55 AM IST
विज्ञापन
Children Commission strict on fee increase of private schools
प्रतीकात्मक

राजधानी समेत राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित निजी स्कूलों की ओर से छात्रों और अभिभावकों से हर साल मनमाने तरीके से ली जा रही फीस व विभिन्न मदों में वसूले जा रहे शुल्क को लेकर बाल शिक्षण आयोग का रुख सख्त हो गया है। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग में बुधवार को सुनवाई के दौरान आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून को आदेश जारी किए कि वह स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से वसूली जा रही फीस की जांच कर कार्रवाई करें और आयोग को भी अपनी रिपोर्ट सौंपे। इसके अलावा आयोग ने एक मामले की सुनवाई करते हुए अभिभावक को फीस जमा कराने में राहत देते हुए कहा कि वह एकमुश्त फीस की जगह सुविधानुसार फीस जमा कर सकते हैं।

विज्ञापन


उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग में बुधवार को कई मामलों की सुनवाई हुई। ओलंपस हाईस्कूल की ओर से एक छात्र के अभिभावक से त्रैमासिक शुल्क वसूली और विभिन्न मदों में शुल्क वसूलने पर सुनवाई करते हुए आयोग ने आदेश जारी किया कि अभिभावक अपनी सुविधानुसार त्रैमासिक की जगह मासिक शुल्क जमा कर सकते हैं। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज की ओर से दसवीं के छात्र को निष्कासित करने के संबंध में प्रधानाचार्य धर्मेंद्र भट्ट और कोच लोकेश कुमार की ओर से तर्क देते हुए कहा कि केवल उन्हीं छात्रों को निकाला जा रहा है जिनका प्रदर्शन ठीक नहीं है।
विज्ञापन


इस पर आयोग अध्यक्ष ने निर्देश जारी किया कि छात्र को एक माह का समय दिया जाए। इसके अलावा आयोग ने न्यू दून ब्लॉसम स्कूल में छात्रा के मानसिक उत्पीड़न किए जाने की भी सुनवाई की। इस दौरान प्रधानाचार्य प्रतिभा शर्मा ने आश्वासन दिया कि छात्रा की काउंसिलिंग करते हुए समस्त समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। सुनवाई के दौरान एक बच्चे को दंपति द्वारा मारने पीटने का मामला भी प्रस्तुत किया गया। आयोग ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए दंपति को हिदायत दी कि वे भविष्य में बच्चे के साथ ऐसा बिल्कुल भी न करें। हिदायत दी वह आपसी सहमति से बच्चे की समस्या का समाधान करें। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed