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विधानसभा कूच कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुलिस ने परेड मैदान में रोकीं
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विधानसभा कूच कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुलिस ने परेड मैदान में रोकीं
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के मानदेय में 25 फीसदी बढ़ोतरी, 20 साल की सेवा उपरांत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वरिष्ठता के आधार पर मानदेय में बढ़ोतरी जैसी सात सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सेविकाओं, मिनी कर्मचारी संगठन के प्रस्तावित विधानसभा घेराव को पुलिस ने विफल कर दिया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परेड मैदान में रोक लिया। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं वहीं धरने पर बैठ गईं और तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार ने न्यूनतम वेतन देने की घोषणा की थी। राज्य सरकार ने भी सम्मानजनक मानदेय बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन आज तक इस पर अमल नहीं हो पाया है। केंद्र सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1500 रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है लेकिन अभी तक मानदेय बढ़ोतरी की घोषणा नहीं की गई। प्रदेश महामंत्री सुमति थपलियाल ने कहा कि सरकार हर विभाग का काम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से करवाती है लेकिन जब मानदेय की बात आती है तो सामाजिक कार्यकर्ता बताकर पल्ला झाड़ लेती है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआें ने मांग उठाई कि आंगनबाड़ी केंद्रों में ढाई साल तक के बच्चों का प्रवेश दिलाया जाए और केंद्रों को प्री प्राइमरी स्कूल का दर्जा दिया जाए। कार्यकर्ताओं को दीपावली बोनस के साथ ही यात्रा भत्ता दिया जाए। सेवानिवृत्ति के बाद महिला कोष की धनराशि तत्काल मुहैया करायी जाए। धरने में प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी, महामंत्री सुुमति थपलियाल, उपाध्यक्ष विमला कोहली, मीना रावत, सुनीता, बसंती रावत, पिंकी, सुनीता हेमलता, दीपा, ज्योति, बिमला पोखरीयाल, गीता भंडारी, पुष्पा सजवाण, सरस्वती, अर्चना शर्मा समेत कई जिलों की पदाधिकारी व सैकड़ाें कार्यकर्ता शामिल थीं।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के मानदेय में 25 फीसदी बढ़ोतरी, 20 साल की सेवा उपरांत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वरिष्ठता के आधार पर मानदेय में बढ़ोतरी जैसी सात सूत्री मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सेविकाओं, मिनी कर्मचारी संगठन के प्रस्तावित विधानसभा घेराव को पुलिस ने विफल कर दिया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परेड मैदान में रोक लिया। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं वहीं धरने पर बैठ गईं और तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी ने कहा कि केंद्र सरकार ने न्यूनतम वेतन देने की घोषणा की थी। राज्य सरकार ने भी सम्मानजनक मानदेय बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन आज तक इस पर अमल नहीं हो पाया है। केंद्र सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1500 रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है लेकिन अभी तक मानदेय बढ़ोतरी की घोषणा नहीं की गई। प्रदेश महामंत्री सुमति थपलियाल ने कहा कि सरकार हर विभाग का काम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से करवाती है लेकिन जब मानदेय की बात आती है तो सामाजिक कार्यकर्ता बताकर पल्ला झाड़ लेती है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताआें ने मांग उठाई कि आंगनबाड़ी केंद्रों में ढाई साल तक के बच्चों का प्रवेश दिलाया जाए और केंद्रों को प्री प्राइमरी स्कूल का दर्जा दिया जाए। कार्यकर्ताओं को दीपावली बोनस के साथ ही यात्रा भत्ता दिया जाए। सेवानिवृत्ति के बाद महिला कोष की धनराशि तत्काल मुहैया करायी जाए। धरने में प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी, महामंत्री सुुमति थपलियाल, उपाध्यक्ष विमला कोहली, मीना रावत, सुनीता, बसंती रावत, पिंकी, सुनीता हेमलता, दीपा, ज्योति, बिमला पोखरीयाल, गीता भंडारी, पुष्पा सजवाण, सरस्वती, अर्चना शर्मा समेत कई जिलों की पदाधिकारी व सैकड़ाें कार्यकर्ता शामिल थीं।
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