{"_id":"5b7881e242c79246633fcd2a","slug":"61534624226-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम में गैर खेल गतिविधियों के विरोध में उतरी कांग्रेेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम में गैर खेल गतिविधियों के विरोध में उतरी कांग्रेेस
Updated Sun, 19 Aug 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम में गैर खेल गतिविधियों के विरोध में उतरी कांग्रेेस
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम को गैर खेल गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने पर कांग्रेस ने ऐतराज जताया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माणा ने आरोप लगाया कि जिस निजी कंपनी को क्रिकेट स्टेडियम खेल गतिविधियों के लिए सरकार ने ठेके पर दिया है वह इसका इस्तेमाल अब शादी, विवाह, क्लब व रेस्तरां चलाने जैसी योजनाओं के लिए करने जा रही है। इसमें खुलने वाले क्लब की सदस्यता खोल दी गई है और जुड़ने वाले सदस्यों से लगभग 150 करोड़ रुपये एकत्रित करने का लक्ष्य रखा है। जबकि सरकार ने कंपनी को महज 12 करोड़ रुपये मात्र में स्टेडियम लीज पर दिया है। भाजपा सरकार पहले इस स्टेडियम का नाम बदलने का प्रयास कर रही थी, लेकिन जनता के विरोध के चलते कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद अब सरकार स्टेडियम में गैर खेल गतिविधियों के आयोजन की इजाजत देकर खिलाड़ियों के साथ अन्याय कर रही है।
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम को गैर खेल गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने पर कांग्रेस ने ऐतराज जताया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माणा ने आरोप लगाया कि जिस निजी कंपनी को क्रिकेट स्टेडियम खेल गतिविधियों के लिए सरकार ने ठेके पर दिया है वह इसका इस्तेमाल अब शादी, विवाह, क्लब व रेस्तरां चलाने जैसी योजनाओं के लिए करने जा रही है। इसमें खुलने वाले क्लब की सदस्यता खोल दी गई है और जुड़ने वाले सदस्यों से लगभग 150 करोड़ रुपये एकत्रित करने का लक्ष्य रखा है। जबकि सरकार ने कंपनी को महज 12 करोड़ रुपये मात्र में स्टेडियम लीज पर दिया है। भाजपा सरकार पहले इस स्टेडियम का नाम बदलने का प्रयास कर रही थी, लेकिन जनता के विरोध के चलते कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद अब सरकार स्टेडियम में गैर खेल गतिविधियों के आयोजन की इजाजत देकर खिलाड़ियों के साथ अन्याय कर रही है।