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जुड़वा शिशुओं को मिला माता-पिता का साया
Updated Thu, 09 Aug 2018 02:12 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
आईटी पार्क के पास झाड़ियों में मिले जुड़वा शिशुओं को ढाई महीने बाद कानूनी माता-पिता का साया मिल गया। बुधवार को महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य की उपस्थिति में सहारनपुर के एक दंपति ने उन्हें गोद लिया। गोद लेने के लिए आवेदन करने वाले करीब चार दर्जन दंपतियों में से इनका चुनाव किया गया था। शिशुओं को गोद लेने के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं था। इस दौरान राज्यमंत्री रेखा आर्य ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ ही उन्हें आशीर्वाद देते हुए माता-पिता के साथ विदा किया।
बीते 21 मई की शाम राजपुर थाना क्षेत्र के सहस्त्रधारा रोड पर आईटी पार्क के पास झाड़ियों में जुड़वा नवजात (एक लड़का, एक लड़की) लावारिस हालत में मिले थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने इन्हें दून महिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कुछ दिन चिकित्सकों की निगरानी में रहने के बाद बच्चों को शिशु निकेतन भेज दिया गया था। मामले में एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अशोक कुमार के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। वहीं, बच्चों को गोद लेने के लिए प्रशासन के पास लगातार आवेदन आ रहे थे।
आखिरकार सहारनपुर के एक दंपति को इसके लिए चुन लिया गया। बुधवार को राज्यमंत्री रेखा आर्य शिशु निकेतन में निरीक्षण के लिए पहुंची थीं। वहीं उन्होंने सहारनपुर के इस दंपति को शिशुओं को गोद लेने की प्रक्रिया पूरी कराई। आर्य ने बताया कि वह इस मामले में लगातार नजर रख रहीं थीं। उन्होंने ही शर्त रखी कि किसी भी दंपति को दोनों बच्चे साथ ही दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस परिवार का चुनाव हर कसौटी पर खरा उतरने के बाद किया गया है। दंपति आर्थिक और सामाजिक तौर पर सुदृढ़ हैं और बच्चों का पालन-पोषण करने में सक्षम हैं।
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आईटी पार्क के पास झाड़ियों में मिले जुड़वा शिशुओं को ढाई महीने बाद कानूनी माता-पिता का साया मिल गया। बुधवार को महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य की उपस्थिति में सहारनपुर के एक दंपति ने उन्हें गोद लिया। गोद लेने के लिए आवेदन करने वाले करीब चार दर्जन दंपतियों में से इनका चुनाव किया गया था। शिशुओं को गोद लेने के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं था। इस दौरान राज्यमंत्री रेखा आर्य ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ ही उन्हें आशीर्वाद देते हुए माता-पिता के साथ विदा किया।
बीते 21 मई की शाम राजपुर थाना क्षेत्र के सहस्त्रधारा रोड पर आईटी पार्क के पास झाड़ियों में जुड़वा नवजात (एक लड़का, एक लड़की) लावारिस हालत में मिले थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने इन्हें दून महिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां कुछ दिन चिकित्सकों की निगरानी में रहने के बाद बच्चों को शिशु निकेतन भेज दिया गया था। मामले में एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अशोक कुमार के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। वहीं, बच्चों को गोद लेने के लिए प्रशासन के पास लगातार आवेदन आ रहे थे।
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आखिरकार सहारनपुर के एक दंपति को इसके लिए चुन लिया गया। बुधवार को राज्यमंत्री रेखा आर्य शिशु निकेतन में निरीक्षण के लिए पहुंची थीं। वहीं उन्होंने सहारनपुर के इस दंपति को शिशुओं को गोद लेने की प्रक्रिया पूरी कराई। आर्य ने बताया कि वह इस मामले में लगातार नजर रख रहीं थीं। उन्होंने ही शर्त रखी कि किसी भी दंपति को दोनों बच्चे साथ ही दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस परिवार का चुनाव हर कसौटी पर खरा उतरने के बाद किया गया है। दंपति आर्थिक और सामाजिक तौर पर सुदृढ़ हैं और बच्चों का पालन-पोषण करने में सक्षम हैं।
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