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फोटो- नुकसान का हवाला देकर कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहे
Updated Mon, 11 Jun 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
सिंडिकेट बैंक कर्मचारियों की आम सभा में एसबीईयू (सिंडिकेट बैंक इंप्लाइज यूनियन) के महामंत्री सुरेश कुमार संगतानी ने प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि बैंक नुकसान का हवाला देकर कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहा है। लाभ होने पर एसबीईयू ने सिंडिकेट बैंक को पीसीए (प्रोम्प्ट करेक्टिव एक्शन) की श्रेणी में नहीं रखा है।
रविवार को विभिन्न मांगों के समर्थन में सिंडिकेट बैंक कर्मचारियों की आम सभा यूपी स्टेट कमेटी, लखनऊ के चेयरमैन एसपी दीक्षित की अध्यक्षता में पटेलनगर स्थित एक होटल में हुई। इसमें सुरेश कुमार संगतानी ने कहा कि 92 वर्ष पुराना बैंक लगातार मुनाफा कमा रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से बड़े पूंजीपतियों के ऋण नहीं लौटाने से बैंक को हानि हुई है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों की 11वें वेतन समझौते के लिए धरने और देशव्यापी हड़ताल के बावजूद सरकार मात्र दो प्रतिशत की वेतन बढ़ोतरी पर अड़ी है। उन्होंने कहा कि बैंक यूनियन 12 जून को चेन्नई में बैठक कर आगामी आंदोलन की रूप रेखा तैयार करेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को होने वाली हानि के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार होगी।
वहीं, उत्तरांचल बैंक इंप्लाइज यूनियन के महासचिव जगमोहन मेंदीरत्ता ने कहा कि बढ़ते नॉन परफार्मिंग एसेट्स (एनपीए) और फ्रॉड के चलते बैंकों को हानि हुई है। उन्होंने सरकार की नीतियों को बैंक विरोधी और जन विरोधी बताते हुए कहा कि इसी से बैंकिंग उद्योग की हालत बिगड़ी है। मेंदीरत्ता ने कहा कि ऋण वसूली के नियम केवल छोटे कारोबारियों और किसानों पर लागू होते हैं जबकि बड़े उद्योगपति सरकार की नाक के नीचे से बैंकों के रुपये हड़प निकल जाते हैं। आम सभा में चंद्रकांत जोशी, मुरारीलाल नौटियाल, राजन पुंडीर, विनय शर्मा, बीपी सुंदरियाल, इंदर सिंह समेत उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों मौजूद रहे।
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सिंडिकेट बैंक कर्मचारियों की आम सभा में एसबीईयू (सिंडिकेट बैंक इंप्लाइज यूनियन) के महामंत्री सुरेश कुमार संगतानी ने प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि बैंक नुकसान का हवाला देकर कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहा है। लाभ होने पर एसबीईयू ने सिंडिकेट बैंक को पीसीए (प्रोम्प्ट करेक्टिव एक्शन) की श्रेणी में नहीं रखा है।
रविवार को विभिन्न मांगों के समर्थन में सिंडिकेट बैंक कर्मचारियों की आम सभा यूपी स्टेट कमेटी, लखनऊ के चेयरमैन एसपी दीक्षित की अध्यक्षता में पटेलनगर स्थित एक होटल में हुई। इसमें सुरेश कुमार संगतानी ने कहा कि 92 वर्ष पुराना बैंक लगातार मुनाफा कमा रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से बड़े पूंजीपतियों के ऋण नहीं लौटाने से बैंक को हानि हुई है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों की 11वें वेतन समझौते के लिए धरने और देशव्यापी हड़ताल के बावजूद सरकार मात्र दो प्रतिशत की वेतन बढ़ोतरी पर अड़ी है। उन्होंने कहा कि बैंक यूनियन 12 जून को चेन्नई में बैठक कर आगामी आंदोलन की रूप रेखा तैयार करेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को होने वाली हानि के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार होगी।
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वहीं, उत्तरांचल बैंक इंप्लाइज यूनियन के महासचिव जगमोहन मेंदीरत्ता ने कहा कि बढ़ते नॉन परफार्मिंग एसेट्स (एनपीए) और फ्रॉड के चलते बैंकों को हानि हुई है। उन्होंने सरकार की नीतियों को बैंक विरोधी और जन विरोधी बताते हुए कहा कि इसी से बैंकिंग उद्योग की हालत बिगड़ी है। मेंदीरत्ता ने कहा कि ऋण वसूली के नियम केवल छोटे कारोबारियों और किसानों पर लागू होते हैं जबकि बड़े उद्योगपति सरकार की नाक के नीचे से बैंकों के रुपये हड़प निकल जाते हैं। आम सभा में चंद्रकांत जोशी, मुरारीलाल नौटियाल, राजन पुंडीर, विनय शर्मा, बीपी सुंदरियाल, इंदर सिंह समेत उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों मौजूद रहे।
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