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एसआरएचयू और पीएमएफ के बीच हुआ करार
Updated Wed, 21 Mar 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी (एसआरएचयू) और प्रणब मुखर्जी फाउंडेशन (पीएमएफ) अब मिलकर काम करेंगे। दोनों के बीच दिल्ली में समझौता हुआ है। इसके तहत एसआरएचयू के छात्र शोध एवं ग्रामीण उत्थान के लिए काम करेंगे।
नई दिल्ली स्थित प्रणब मुखर्जी फाउंडेशन कार्यालय में आयोजित भव्य समारोह में कुलपति डॉ.विजय धस्माना और पीएमएफ की निदेशक ओमिता पॉल ने एमओयू पत्र पर हस्ताक्षर किए। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और देश के प्रमुख उद्योगपति रतन टाटा के सम्मुख एमओयू पत्र साइन किया गया। कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि हम अनुसंधान, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हमारा मकसद शिक्षा प्रणाली में सुधार और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए एसआरएचयू को एक जीवंत स्थान बनाना है। स्मार्ट विलेज के लिए हिमालयन इंस्टीट्यूट का रूरल डेवलेपमेंट इंस्टीट्यूट पहले से ही काम कर रहा है। पीएमएफ के साथ करार और सहयोग मिलने से इन क्षेत्रों में कार्य को और गति मिलेगी। यूनिवर्सिटी के छात्रों को भी लाभ मिलेगा। डॉ.धस्माना ने बताया कि एसआरएचयू का फ ोकस महज डिग्री और शिक्षा देना नहीं, बल्कि युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना भी है।
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स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी (एसआरएचयू) और प्रणब मुखर्जी फाउंडेशन (पीएमएफ) अब मिलकर काम करेंगे। दोनों के बीच दिल्ली में समझौता हुआ है। इसके तहत एसआरएचयू के छात्र शोध एवं ग्रामीण उत्थान के लिए काम करेंगे।
नई दिल्ली स्थित प्रणब मुखर्जी फाउंडेशन कार्यालय में आयोजित भव्य समारोह में कुलपति डॉ.विजय धस्माना और पीएमएफ की निदेशक ओमिता पॉल ने एमओयू पत्र पर हस्ताक्षर किए। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और देश के प्रमुख उद्योगपति रतन टाटा के सम्मुख एमओयू पत्र साइन किया गया। कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि हम अनुसंधान, शिक्षा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हमारा मकसद शिक्षा प्रणाली में सुधार और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए एसआरएचयू को एक जीवंत स्थान बनाना है। स्मार्ट विलेज के लिए हिमालयन इंस्टीट्यूट का रूरल डेवलेपमेंट इंस्टीट्यूट पहले से ही काम कर रहा है। पीएमएफ के साथ करार और सहयोग मिलने से इन क्षेत्रों में कार्य को और गति मिलेगी। यूनिवर्सिटी के छात्रों को भी लाभ मिलेगा। डॉ.धस्माना ने बताया कि एसआरएचयू का फ ोकस महज डिग्री और शिक्षा देना नहीं, बल्कि युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना भी है।
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