{"_id":"5a74c97f4f1c1bca798b76cd","slug":"61517603199-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालिकाओं के भागने की रिपोर्ट नहीं देने पर आयोग सख्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बालिकाओं के भागने की रिपोर्ट नहीं देने पर आयोग सख्त
Updated Sat, 03 Feb 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
राजकीय बालिका-शिशु निकेतन से पांच बालिकाओं के भागने के मामले में करीब डेढ़ महीने बाद भी रिपोर्ट नहीं सौंपे जाने पर बाल आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई है। समाज कल्याण विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष योगेंद्र खंडूरी ने कार्रवाई करने के लिए मुख्य सचिव उत्पल कुमार को पत्र भेजा है।
केदारपुरम् स्थित बालिका निकेतन से 17 दिसंबर को पांच बालिकाएं दीवार फांद कर भाग गई थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण डॉ.रणवीर सिंह को मामले की जांच के आदेश देते हुए दस दिनों के भीतर रिपोर्ट भी मांगी, लेकिन करीब डेढ़ महीने बाद भी आयोग ने इस संबंध में रिपोर्ट नहीं सौंपी है। आयोग के अध्यक्ष योगेंद्र खंडूरी ने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन संसद की ओर से पारित अधिनियम के तहत हुआ है।
बच्चों से संबंधित विषयों पर आयोग को महत्वपूर्ण शक्तियां प्राप्त हैं। आयोग को दस्तावेज मंगाने, जांच कराने और किसी को तलब करने का भी अधिकार है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार को पत्र भेजकर खंडूरी ने कहा है कि समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव से इस संबंध में पूछताछ अवश्य की जाए। उन्होंने इतने संवेदनशील विषय पर तुरंत उचित कार्रवाई कर आयोग को सूचित क्यों नहीं किया, इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजकीय बालिका-शिशु निकेतन से पांच बालिकाओं के भागने के मामले में करीब डेढ़ महीने बाद भी रिपोर्ट नहीं सौंपे जाने पर बाल आयोग ने कड़ी नाराजगी जताई है। समाज कल्याण विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष योगेंद्र खंडूरी ने कार्रवाई करने के लिए मुख्य सचिव उत्पल कुमार को पत्र भेजा है।
केदारपुरम् स्थित बालिका निकेतन से 17 दिसंबर को पांच बालिकाएं दीवार फांद कर भाग गई थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण डॉ.रणवीर सिंह को मामले की जांच के आदेश देते हुए दस दिनों के भीतर रिपोर्ट भी मांगी, लेकिन करीब डेढ़ महीने बाद भी आयोग ने इस संबंध में रिपोर्ट नहीं सौंपी है। आयोग के अध्यक्ष योगेंद्र खंडूरी ने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन संसद की ओर से पारित अधिनियम के तहत हुआ है।
विज्ञापन
बच्चों से संबंधित विषयों पर आयोग को महत्वपूर्ण शक्तियां प्राप्त हैं। आयोग को दस्तावेज मंगाने, जांच कराने और किसी को तलब करने का भी अधिकार है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार को पत्र भेजकर खंडूरी ने कहा है कि समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव से इस संबंध में पूछताछ अवश्य की जाए। उन्होंने इतने संवेदनशील विषय पर तुरंत उचित कार्रवाई कर आयोग को सूचित क्यों नहीं किया, इस मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन