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अधिग्रहण से बचने को नदारद हुईं टैक्सियां
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
चुनाव में अधिग्रहण से बचने के लिए मसूरी, ऋषिकेश, श्रीनगर, पौड़ी, कोटद्वार आदि रूटों पर चलने वाली अधिकतर टैक्सियां इन दिनों सड़कों से गायब हो गई हैं। इसकी वजह से इन रूटों पर वाहन न मिलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि टैक्सी संचालक अधिग्रहण के बदले मिलने वाली धनराशि से नाखुश हैं।
बता दें कि मसूरी, ऋषिकेश, श्रीनगर, पौड़ी, कोटद्वार आदि रूटों पर रोजाना सैकड़ों टैक्सी-मैक्सी वाहन चलते हैं। इन दिनों लोकसभा चुनाव को लेकर परिवहन विभाग की इन वाहनों के अधिग्रहण की कार्रवाई कर रहा है। इससे बचने के लिए टैक्सी चालक वाहन नहीं चला रहे हैं। मसूरी, श्रीनगर, कोटद्वार समेत विभिन्न रूटों पर इक्का-दुक्का वाहन ही दिखाई दे रहे हैं। टैक्सी संचालकों के मुताबिक उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव में रोजाना 650 रुपये के हिसाब से भुगतान किया गया था, लेकिन इस बार अभी तक भुगतान राशि तय नहीं की गई है।
एआरटीओ अरविंद पांडेय ने बताया कि आरटीओ देहरादून डीसी पठोई की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। भुगतान को लेकर अपनी रिपोर्ट परिवहन सचिव को भेज दी गई है। लोकसभा चुनाव को लेकर अब तक करीब एक हजार वाहनों का अधिग्रहण किया जा चुका है। आवश्यकता के हिसाब से वाहनों का अधिग्रहण जारी है।
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अधिग्रहण न करने देने पर दर्ज होगी एफआईआर
एआरटीओ अरविंद पांडेय ने बताया कि बीते दिनों उनके द्वारा आदेश जारी किए गए थे। इसके तहत अगर कोई वाहन स्वामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर वाहनों का अधिग्रहण नहीं होने देगा तो उनके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व कानून 1951 के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा। अगर वाहन स्वामी को कोई समस्या है तो उसका समाधान किया जाएगा।
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बगैर जानकारी के कहीं से भी वाहनों को अधिग्रहीत करने से दिक्कत पेश आ रही है। रोजाना मिलने वाली धनराशि भी तय नहीं हुई है। विभाग को पहले जानकारी देनी चाहिए। इसके बाद ही अधिग्रहण करना चाहिए।
-राकेश सिंह, अध्यक्ष, टैक्सी मैक्सी पर्वतीय महासंघ
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चुनाव में अधिग्रहण से बचने के लिए मसूरी, ऋषिकेश, श्रीनगर, पौड़ी, कोटद्वार आदि रूटों पर चलने वाली अधिकतर टैक्सियां इन दिनों सड़कों से गायब हो गई हैं। इसकी वजह से इन रूटों पर वाहन न मिलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि टैक्सी संचालक अधिग्रहण के बदले मिलने वाली धनराशि से नाखुश हैं।
बता दें कि मसूरी, ऋषिकेश, श्रीनगर, पौड़ी, कोटद्वार आदि रूटों पर रोजाना सैकड़ों टैक्सी-मैक्सी वाहन चलते हैं। इन दिनों लोकसभा चुनाव को लेकर परिवहन विभाग की इन वाहनों के अधिग्रहण की कार्रवाई कर रहा है। इससे बचने के लिए टैक्सी चालक वाहन नहीं चला रहे हैं। मसूरी, श्रीनगर, कोटद्वार समेत विभिन्न रूटों पर इक्का-दुक्का वाहन ही दिखाई दे रहे हैं। टैक्सी संचालकों के मुताबिक उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव में रोजाना 650 रुपये के हिसाब से भुगतान किया गया था, लेकिन इस बार अभी तक भुगतान राशि तय नहीं की गई है।
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एआरटीओ अरविंद पांडेय ने बताया कि आरटीओ देहरादून डीसी पठोई की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। भुगतान को लेकर अपनी रिपोर्ट परिवहन सचिव को भेज दी गई है। लोकसभा चुनाव को लेकर अब तक करीब एक हजार वाहनों का अधिग्रहण किया जा चुका है। आवश्यकता के हिसाब से वाहनों का अधिग्रहण जारी है।
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अधिग्रहण न करने देने पर दर्ज होगी एफआईआर
एआरटीओ अरविंद पांडेय ने बताया कि बीते दिनों उनके द्वारा आदेश जारी किए गए थे। इसके तहत अगर कोई वाहन स्वामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर वाहनों का अधिग्रहण नहीं होने देगा तो उनके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व कानून 1951 के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा। अगर वाहन स्वामी को कोई समस्या है तो उसका समाधान किया जाएगा।
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बगैर जानकारी के कहीं से भी वाहनों को अधिग्रहीत करने से दिक्कत पेश आ रही है। रोजाना मिलने वाली धनराशि भी तय नहीं हुई है। विभाग को पहले जानकारी देनी चाहिए। इसके बाद ही अधिग्रहण करना चाहिए।
-राकेश सिंह, अध्यक्ष, टैक्सी मैक्सी पर्वतीय महासंघ