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ड्रोन कैमरों से होगी जंगलों में अतिक्रमण की निगरानी
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ड्रोन कैमरों से होगी जंगलों में अतिक्रमण की निगरानी
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। देश में तमाम राज्यों में वन क्षेत्रों में आए दिन हो रहे अतिक्रमण की निगरानी अब ड्रोन कैमरों से की जाएगी। इसके अलावा सभी टाइगर रिजर्व व वन्य अभ्यारण्यों में दुर्लभ प्रजाति के जंगली जानवरों की गतिविधियों पर भी ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। भारतीय वन सर्वेक्षण सभागार में योजना को लेकर आयोजित तीन दिवसीय विशेष कार्यशाला का बुधवार को समापन हो गया।
कार्यशाला में उत्तराखंड के अलावा महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, सिक्किम, तमिलनाडु जैसे राज्यों के वन संरक्षकोें, प्रभागीय वन अधिकारियों को ड्रोन तकनीक के जरिये राज्यों के जंगलों में लगने वाली आग की निगरानी करने के साथ ही अतिक्रमण को चिन्हित करने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रोन कैमरे के जरिये किस तरीके से वन्यजीवों के पलायन पर भी नजर रखी जाएगी।
भारतीय वन सर्वेक्षण के उप महानिदेशक डॉ. प्रकाश लखचौरा ने कहा कि जंगलों में हर साल लगने वाली आग से भारी तबाही होती है। जंगलों में आग लगने की जानकारी समय पर नहीं मिलने से न सिर्फ वन संपदाओं को भारी नुकसान होता है बल्कि वन्यजीवों का जीवन भी संकट में पड़ जाता है। ऐसे में यदि पूरे देश में ड्रोन कैमरों से जंगलों की निगरानी की जाएगी तो वनाग्नि रोकने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों के जरिये वन्यजीवों की गतिविधियों पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन मौके पर भारतीय वन सर्वेक्षण के महानिदेशक डॉ. सुभाष आशुतोष, उप महानिदेशक डॉ. प्रकाश लखचौरा, संयुक्त निदेशक मीनाक्षी जोशी व सुशांत शर्मा के अलावा कई राज्यों के वनाधिकारी व तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। देश में तमाम राज्यों में वन क्षेत्रों में आए दिन हो रहे अतिक्रमण की निगरानी अब ड्रोन कैमरों से की जाएगी। इसके अलावा सभी टाइगर रिजर्व व वन्य अभ्यारण्यों में दुर्लभ प्रजाति के जंगली जानवरों की गतिविधियों पर भी ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। भारतीय वन सर्वेक्षण सभागार में योजना को लेकर आयोजित तीन दिवसीय विशेष कार्यशाला का बुधवार को समापन हो गया।
कार्यशाला में उत्तराखंड के अलावा महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, सिक्किम, तमिलनाडु जैसे राज्यों के वन संरक्षकोें, प्रभागीय वन अधिकारियों को ड्रोन तकनीक के जरिये राज्यों के जंगलों में लगने वाली आग की निगरानी करने के साथ ही अतिक्रमण को चिन्हित करने और वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि ड्रोन कैमरे के जरिये किस तरीके से वन्यजीवों के पलायन पर भी नजर रखी जाएगी।
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भारतीय वन सर्वेक्षण के उप महानिदेशक डॉ. प्रकाश लखचौरा ने कहा कि जंगलों में हर साल लगने वाली आग से भारी तबाही होती है। जंगलों में आग लगने की जानकारी समय पर नहीं मिलने से न सिर्फ वन संपदाओं को भारी नुकसान होता है बल्कि वन्यजीवों का जीवन भी संकट में पड़ जाता है। ऐसे में यदि पूरे देश में ड्रोन कैमरों से जंगलों की निगरानी की जाएगी तो वनाग्नि रोकने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों के जरिये वन्यजीवों की गतिविधियों पर भी बारीकी से नजर रखी जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन मौके पर भारतीय वन सर्वेक्षण के महानिदेशक डॉ. सुभाष आशुतोष, उप महानिदेशक डॉ. प्रकाश लखचौरा, संयुक्त निदेशक मीनाक्षी जोशी व सुशांत शर्मा के अलावा कई राज्यों के वनाधिकारी व तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे।
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