{"_id":"5b5cdc9e4f1c1bde6d8b514a","slug":"51532812446-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिरी गेंद फेंकने तक जीतने के लिए हो पैरोकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिरी गेंद फेंकने तक जीतने के लिए हो पैरोकारी
Updated Sun, 29 Jul 2018 02:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो, अमर उजाला, देहरादून
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विभिन्न अदालतों में चल रहे मामलों में आखिरी वक्त तक उसी तरह जीत के लिए पैरोकारी हो, जिस तरह क्रिकेट की आखिरी गेंद फेंकने तक जीतने के लिए संघर्ष होता है। उन्होंने शासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विधि अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं के साथ परस्पर समन्वय स्थापित कर अदालतों में अंतिम क्षणों तक जीतने के लिए पैरवी करें। वह अपने सरकारी आवास स्थित जनता मिलन हाल में विधि अधिकारियों और कोर्ट में तैनात अधिवक्ताओं के साथ समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले तो सरकार के स्तर पर उचित न्याय के प्रयास होने चाहिए। सरकार की कार्य संस्कृति ऐसी होनी चाहिए कि अदालती प्रकरणों की संभावनाएं न्यूनतम हों। यदि अदालतों में मामले जाते हैं तो नियमों की अनुपालना और जनहित को ध्यान में रखते हुए मजबूत पैरवी होनी चाहिए। उन्होंने शासन के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शासकीय अधिवक्ताओं को अपने मोबाइल नंबर उपलब्ध कराएं ताकि प्रमुख अदालती मामलों पैरवी करने के लिए जुटाए जाने वाले साक्ष्यों और दस्तावेजों को प्राप्त करने में सुगमता हो। उन्होंने मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए विभागवार अधिवक्ताओं की टीम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा न्यायालयों के समक्ष जितनी मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे, उतनी तेजी से मामलों का निस्तारण होगा। इसके लिए बेहतर संवाद का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि अदालतों में अपना पक्ष समय पर व सही तरीके से रखा जाए।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि न्यायालयों से संबंधित मामलों में शासन के अधिकारियों, विभागीय अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को एक दूसरे से समन्वय कर कार्यकुशलता एवं पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ना होगा। सिस्टम में किस तरह सुधार लाया जा सकता है, इसके लिए जिम्मेदारी निर्धारित कर आगे बढ़ना होगा। बैठक में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव न्याय मीना तिवारी, प्रमुख सचिव गृह आनंद वर्द्धन, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर सहित न्यायालयों के महा अधिवक्ता, अपर महाअधिवक्ता, उप महाअधिवक्ता व ऑन रिकॉर्ड अधिवक्ताओं सहित अन्य अधिवक्ता शामिल थे।
विज्ञापन
-----------------
रिट याचिकाओं को समयबद्ध कार्यवाही हो
बैठक में रिट याचिकाओं पर समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। सीएम ने कहा कि रिट याचिकाओं के समय से प्राप्ति के उपायों, प्रति शपथ पत्रों के काउंटर फ ाइल की गुणवत्ता में सुधार, न्यायालयों के मामलों में परस्पर समन्वय पर जोर दिया गया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विभिन्न अदालतों में चल रहे मामलों में आखिरी वक्त तक उसी तरह जीत के लिए पैरोकारी हो, जिस तरह क्रिकेट की आखिरी गेंद फेंकने तक जीतने के लिए संघर्ष होता है। उन्होंने शासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विधि अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं के साथ परस्पर समन्वय स्थापित कर अदालतों में अंतिम क्षणों तक जीतने के लिए पैरवी करें। वह अपने सरकारी आवास स्थित जनता मिलन हाल में विधि अधिकारियों और कोर्ट में तैनात अधिवक्ताओं के साथ समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले तो सरकार के स्तर पर उचित न्याय के प्रयास होने चाहिए। सरकार की कार्य संस्कृति ऐसी होनी चाहिए कि अदालती प्रकरणों की संभावनाएं न्यूनतम हों। यदि अदालतों में मामले जाते हैं तो नियमों की अनुपालना और जनहित को ध्यान में रखते हुए मजबूत पैरवी होनी चाहिए। उन्होंने शासन के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शासकीय अधिवक्ताओं को अपने मोबाइल नंबर उपलब्ध कराएं ताकि प्रमुख अदालती मामलों पैरवी करने के लिए जुटाए जाने वाले साक्ष्यों और दस्तावेजों को प्राप्त करने में सुगमता हो। उन्होंने मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए विभागवार अधिवक्ताओं की टीम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा न्यायालयों के समक्ष जितनी मजबूती से अपना पक्ष रखेंगे, उतनी तेजी से मामलों का निस्तारण होगा। इसके लिए बेहतर संवाद का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि अदालतों में अपना पक्ष समय पर व सही तरीके से रखा जाए।
विज्ञापन
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि न्यायालयों से संबंधित मामलों में शासन के अधिकारियों, विभागीय अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं को एक दूसरे से समन्वय कर कार्यकुशलता एवं पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ना होगा। सिस्टम में किस तरह सुधार लाया जा सकता है, इसके लिए जिम्मेदारी निर्धारित कर आगे बढ़ना होगा। बैठक में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव न्याय मीना तिवारी, प्रमुख सचिव गृह आनंद वर्द्धन, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर सहित न्यायालयों के महा अधिवक्ता, अपर महाअधिवक्ता, उप महाअधिवक्ता व ऑन रिकॉर्ड अधिवक्ताओं सहित अन्य अधिवक्ता शामिल थे।
विज्ञापन
-----------------
रिट याचिकाओं को समयबद्ध कार्यवाही हो
बैठक में रिट याचिकाओं पर समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। सीएम ने कहा कि रिट याचिकाओं के समय से प्राप्ति के उपायों, प्रति शपथ पत्रों के काउंटर फ ाइल की गुणवत्ता में सुधार, न्यायालयों के मामलों में परस्पर समन्वय पर जोर दिया गया।