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मांगों को लेकर वन आरक्षियों का प्रदर्शन
Updated Thu, 29 Mar 2018 02:32 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
वन दारोगा के 33 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती का विरोध कर रहे उत्तराखंड वन आरक्षी संघ से जुडे़ वन आरक्षी बुधवार दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। उन्होंने प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय में प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शीघ्र हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय में एकत्र हुए वन आरक्षियों ने लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वन दारोगा की सीधी भर्ती के प्रस्ताव से वन आरक्षियों की पदोन्नति प्रभावित हो रही है। इसको निरस्त कर यदि पूर्व की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो आंदोलन तेज करेंगे। संगठन ने वन आरक्षी से वन दारोगा के पद पर पदोन्नति के लिए दस वर्ष सेवा की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र पांडे, महामंत्री अनिल पंवार, शशि वर्धन अधिकारी, ललित हर्बोला, हरपाल सिंह गुसाईं, बृजमोहन सिंह रावत, मुकेश बहुगुणा, गुरमीत सिंह, गोविंद सिंह, जमर सिंह नौटियाल शामिल रहे।
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वन दारोगा के 33 फीसदी पदों पर सीधी भर्ती का विरोध कर रहे उत्तराखंड वन आरक्षी संघ से जुडे़ वन आरक्षी बुधवार दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। उन्होंने प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय में प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शीघ्र हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रमुख वन संरक्षक कार्यालय में एकत्र हुए वन आरक्षियों ने लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वन दारोगा की सीधी भर्ती के प्रस्ताव से वन आरक्षियों की पदोन्नति प्रभावित हो रही है। इसको निरस्त कर यदि पूर्व की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो आंदोलन तेज करेंगे। संगठन ने वन आरक्षी से वन दारोगा के पद पर पदोन्नति के लिए दस वर्ष सेवा की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र पांडे, महामंत्री अनिल पंवार, शशि वर्धन अधिकारी, ललित हर्बोला, हरपाल सिंह गुसाईं, बृजमोहन सिंह रावत, मुकेश बहुगुणा, गुरमीत सिंह, गोविंद सिंह, जमर सिंह नौटियाल शामिल रहे।
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