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हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में भूमिगत बिजली लाइनों का काम लटका
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
यूपीसीएल प्रबंधन व निर्माण कंपनी के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर नहीं होने की वजह से हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में बिजली लाइनों को भूमिगत किए जाने का काम फिलहाल लटका गया है। यह स्थिति तब है जब केंद्र सरकार की ओर से बजट आवंटित कर दिया गया है और बिजली लाइनों को 2020 से पहले पूरा किया जाना है।
बता दें, केंद्र सरकार की ओर से संचालित आरएपीडीआरपी योजना के तहत हरिद्वार में कुंभ क्षेत्र की तमाम बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाना है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से बजट आवंटित करने के साथ ही योजना का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। योजना के तहत होने वाले खर्च का 85 फीसदी केेंद्र की ओर से वहन किया जाना है। शेष 15 फीसदी बजट राज्य सरकार की ओर से मुहैया कराया जाएगा। यूपीसीएल की ओर से टेंडर जारी करने के साथ ही निर्माणदायी एजेंसी का भी चयन कर लिया गया है। यूपीसीएल सूत्रों की मानें तो यूपीसीएल प्रबंधन व चयनित निर्माणदायी एजेंसी के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर नहीं होने की वजह से कार्य लटका हुआ है। इस संबंध में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा से जानकारी चाही तो संपर्क नहीं हो पाया।
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यूपीसीएल प्रबंधन व निर्माण कंपनी के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर नहीं होने की वजह से हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में बिजली लाइनों को भूमिगत किए जाने का काम फिलहाल लटका गया है। यह स्थिति तब है जब केंद्र सरकार की ओर से बजट आवंटित कर दिया गया है और बिजली लाइनों को 2020 से पहले पूरा किया जाना है।
बता दें, केंद्र सरकार की ओर से संचालित आरएपीडीआरपी योजना के तहत हरिद्वार में कुंभ क्षेत्र की तमाम बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाना है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से बजट आवंटित करने के साथ ही योजना का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। योजना के तहत होने वाले खर्च का 85 फीसदी केेंद्र की ओर से वहन किया जाना है। शेष 15 फीसदी बजट राज्य सरकार की ओर से मुहैया कराया जाएगा। यूपीसीएल की ओर से टेंडर जारी करने के साथ ही निर्माणदायी एजेंसी का भी चयन कर लिया गया है। यूपीसीएल सूत्रों की मानें तो यूपीसीएल प्रबंधन व चयनित निर्माणदायी एजेंसी के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर नहीं होने की वजह से कार्य लटका हुआ है। इस संबंध में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा से जानकारी चाही तो संपर्क नहीं हो पाया।
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