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वन्यजीवों की मौत के मामले में जांच शुरू
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वन्यजीवों की मौत के मामले में जांच शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क समेत राज्य के जंगलों में पिछले पांच साल में बाघों, तेंदुओं व हाथियों समेत वन्यजीवोें की मौत के मामले में उच्च स्तरीय समिति ने जांच शुरू कर दी है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजना काला की अगुवाई में गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने दोनों टाइगर रिजर्व के निदेशकों के अलावा प्रभागीय वनाधिकारियों से उनके इलाकों में हुई वन्यजीवों की मौत के मामले में रिपोर्ट मांगी है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजना काला का कहना है कि लोकसभा चुनाव के चलते जांच में देरी हो रही थी, लेकिन अब जबकि लोकसभा चुनाव का मतदान हो चुका है जो जांच में तेजी लाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों प्रमुख सचिव (वन) आनंदवर्धन ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजना काला, अपर प्रमुख वन संरक्षक डीजीके शर्मा, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल व मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव की टीम गठित कर वन्यजीवोें की मौतों के मामले में रिपोर्ट तलब की थी। प्रमुख सचिव वन ने उच्च स्तरीय समिति से रिपोर्ट तलब की है कि वह इस बात का पता लगाएं कि पिछले पांच साल में हाथी, गुलदार, बाघ समेत कितने वन्यजीवोें की मौत हुई है। वन्यजीवों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। वन्यजीवों की मौत के बाद विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई की गई। यदि मौत के लिए विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की शिथिलता रही तो क्या कार्रवाई की गई। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजना काला का कहना है कि तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी। जांच एक माह के भीतर पूरी करनी है। जांच पड़ताल के बाद रिपोर्ट प्रमुख सचिव (वन) को भेजी जाएगी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क समेत राज्य के जंगलों में पिछले पांच साल में बाघों, तेंदुओं व हाथियों समेत वन्यजीवोें की मौत के मामले में उच्च स्तरीय समिति ने जांच शुरू कर दी है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजना काला की अगुवाई में गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने दोनों टाइगर रिजर्व के निदेशकों के अलावा प्रभागीय वनाधिकारियों से उनके इलाकों में हुई वन्यजीवों की मौत के मामले में रिपोर्ट मांगी है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजना काला का कहना है कि लोकसभा चुनाव के चलते जांच में देरी हो रही थी, लेकिन अब जबकि लोकसभा चुनाव का मतदान हो चुका है जो जांच में तेजी लाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों प्रमुख सचिव (वन) आनंदवर्धन ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजना काला, अपर प्रमुख वन संरक्षक डीजीके शर्मा, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं, मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल व मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव की टीम गठित कर वन्यजीवोें की मौतों के मामले में रिपोर्ट तलब की थी। प्रमुख सचिव वन ने उच्च स्तरीय समिति से रिपोर्ट तलब की है कि वह इस बात का पता लगाएं कि पिछले पांच साल में हाथी, गुलदार, बाघ समेत कितने वन्यजीवोें की मौत हुई है। वन्यजीवों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। वन्यजीवों की मौत के बाद विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई की गई। यदि मौत के लिए विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की शिथिलता रही तो क्या कार्रवाई की गई। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक रंजना काला का कहना है कि तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी। जांच एक माह के भीतर पूरी करनी है। जांच पड़ताल के बाद रिपोर्ट प्रमुख सचिव (वन) को भेजी जाएगी।
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