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अब 60 किमी सफारी कर सकेंगे पर्यटक
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में सफारी के लिए आने वाले पर्यटकों को अब 60 किमी सफारी का मौका मिलेगा। मंडलायुक्त बीवीआरसी पुरुषोत्तम की मौजूदगी में हुई संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में सफारी वेलफेयर सोसायटी की मांग व वन क्षेत्राधिकारी चीला रेंज के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। इसके अलावा राजाजी टाइगर रिजर्व में 25 नई सफारी के संचालन के लिए परमिट जारी करने का निर्णय लिया गया।
एआरटीओ प्रशासन अरविंद पांडे ने बताया कि सफारी संचालकों द्वारा मोतीचूर से 60 किमी दायरे की मांग की जा रही थी जिसे अनुमति दे दी गई है। पहले 40 किमी के दायरे में अनुमति होने की वजह से सफारी चालक आगे नहीं जा पाते थे। यदि जाते तो वन विभाग के अफसर उन पर कार्रवाई कर देते थे। इसके अलावा 25 नई सफारी के लिए परमिट जारी करने का निर्णय लिया गया। परमिट देने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। सफारी को स्टैज कैरेज के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सफारी को सार्वजनिक स्थानों पर नहीं खड़ा किया जाएगा। उसके चालक का लाइसेंस कम से कम पांच साल पुराना होना चाहिए। सफारी को कभी नदी नालों या किसी जलस्रोत के पास नहीं धोया जाएगा। वर्तमान में राजाजी टाइगर रिजर्व के चीला रेंज में 35 सफारी का संचालन किया जा रहा है। 25 नई सफारी संचालित किए जाने से पर्यटकों को राहत मिलेगी।
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राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में सफारी के लिए आने वाले पर्यटकों को अब 60 किमी सफारी का मौका मिलेगा। मंडलायुक्त बीवीआरसी पुरुषोत्तम की मौजूदगी में हुई संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में सफारी वेलफेयर सोसायटी की मांग व वन क्षेत्राधिकारी चीला रेंज के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। इसके अलावा राजाजी टाइगर रिजर्व में 25 नई सफारी के संचालन के लिए परमिट जारी करने का निर्णय लिया गया।
एआरटीओ प्रशासन अरविंद पांडे ने बताया कि सफारी संचालकों द्वारा मोतीचूर से 60 किमी दायरे की मांग की जा रही थी जिसे अनुमति दे दी गई है। पहले 40 किमी के दायरे में अनुमति होने की वजह से सफारी चालक आगे नहीं जा पाते थे। यदि जाते तो वन विभाग के अफसर उन पर कार्रवाई कर देते थे। इसके अलावा 25 नई सफारी के लिए परमिट जारी करने का निर्णय लिया गया। परमिट देने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। सफारी को स्टैज कैरेज के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। सफारी को सार्वजनिक स्थानों पर नहीं खड़ा किया जाएगा। उसके चालक का लाइसेंस कम से कम पांच साल पुराना होना चाहिए। सफारी को कभी नदी नालों या किसी जलस्रोत के पास नहीं धोया जाएगा। वर्तमान में राजाजी टाइगर रिजर्व के चीला रेंज में 35 सफारी का संचालन किया जा रहा है। 25 नई सफारी संचालित किए जाने से पर्यटकों को राहत मिलेगी।
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