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पूर्व प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज
Updated Wed, 06 Jun 2018 02:08 AM IST
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पूर्व प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जिला आपूर्ति अधिकारी के औचक निरीक्षण में गैस एजेंसी के गोदाम से बरामद हुए री-फिलिंग उपकरणों के मामले में सात माह बाद पूर्व प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं छोटे से मामले में एफआईआर दर्ज कराने में लगे सात माह के समय से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जिला आपूर्ति अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि गढ़वाल मंडल विकास निगम की डोईवाला की इंडेन गैस एजेंसी के खिलाफ काफी दिनों से शिकायतें मिल रही थीं। जिस पर पिछले वर्ष सात नवंबर को उन्होंने गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान गैस एजेंसी के राजीव नगर स्थित गैस गोदाम से री-फिलिंग करने वाले चार यंत्र बरामद किए गए थे।
अब एलपीजी के समन्वयक अधिकारी राकेश सकलानी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्कालीन प्रबंधक दिलबर सिंह भंडारी और गोदाम प्रभारी समरपाल सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली के उपनिरीक्षक सुरेश चंद बलूनी मामले की जांच पड़ताल करेंगे।
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वहीं छोटे से मामले में एफआईआर दर्ज कराने में लगे सात माह को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि विभाग की ओर से साठ-गांठ करने के चक्कर में जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल कर रखा गया था। अब बात नहीं बन पाई तो रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जबकि डीएसओ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही थी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। जिला आपूर्ति अधिकारी के औचक निरीक्षण में गैस एजेंसी के गोदाम से बरामद हुए री-फिलिंग उपकरणों के मामले में सात माह बाद पूर्व प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं छोटे से मामले में एफआईआर दर्ज कराने में लगे सात माह के समय से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जिला आपूर्ति अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि गढ़वाल मंडल विकास निगम की डोईवाला की इंडेन गैस एजेंसी के खिलाफ काफी दिनों से शिकायतें मिल रही थीं। जिस पर पिछले वर्ष सात नवंबर को उन्होंने गैस एजेंसी का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान गैस एजेंसी के राजीव नगर स्थित गैस गोदाम से री-फिलिंग करने वाले चार यंत्र बरामद किए गए थे।
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अब एलपीजी के समन्वयक अधिकारी राकेश सकलानी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्कालीन प्रबंधक दिलबर सिंह भंडारी और गोदाम प्रभारी समरपाल सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली के उपनिरीक्षक सुरेश चंद बलूनी मामले की जांच पड़ताल करेंगे।
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वहीं छोटे से मामले में एफआईआर दर्ज कराने में लगे सात माह को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि विभाग की ओर से साठ-गांठ करने के चक्कर में जांच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल कर रखा गया था। अब बात नहीं बन पाई तो रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जबकि डीएसओ का कहना है कि मामले की जांच की जा रही थी।