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सचिवालय कूच में शामिल पीआरडी जवानों का कटेगा वेतन
Updated Thu, 19 Apr 2018 02:28 AM IST
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सचिवालय कूच में शामिल पीआरडी जवानों का कटेगा वेतन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन (पीआरडी) के सचिवालय कूच में शामिल होने वाले पीआरडी जवानों का एक दिन का वेतन कटेगा। युवा कल्याण निदेशक विम्मी सचदेवा ने सभी जिलों के युवा कल्याण अधिकारियों को इस बाबत पत्र भेजकर ऐसे जवानों का चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं जो कि ड्यूटी के दौरान उस प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
नियमित नौकरी सहित विभिन्न मांगों पर अमल कराने के लिए पीआरडी जवानों ने 16 अप्रैल को परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया था। जिसमें विभिन्न जिलों से जवान बिना छुट्टी लिए ही शामिल हो गए थे। कुछ जवान वर्दी में भी इस रैली में शामिल हुए थे। जिससे युवा कल्याण निदेशक विम्मी सचदेवा इससे नाराज हैं। उनका कहना है कि यह अनुशासनहीनता है। संगठन के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान भी उन्होंने जवानों को फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा कि वर्दी पहनकर प्रदर्शन करना अपराध की श्रेणी में आता है। अगर जरूरत पड़ी तो ऐसे जवानों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निदेशक के निर्देश पर संयुक्त निदेशक आरसी डिमरी ने सभी जिलों के युवा कल्याण अधिकारियों को आदेश दिया है कि अपने जिलों के उन जवानों को चिन्हित करें, जो ड्यूटी में तैनात हैं और सोमवार को हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। दूसरी ओर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद मंद्रवाल का कहना है कि अगर कार्रवाई की गई तो वह हाईकोर्ट की शरण में जाएंगे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
प्रांतीय रक्षक दल हित संगठन (पीआरडी) के सचिवालय कूच में शामिल होने वाले पीआरडी जवानों का एक दिन का वेतन कटेगा। युवा कल्याण निदेशक विम्मी सचदेवा ने सभी जिलों के युवा कल्याण अधिकारियों को इस बाबत पत्र भेजकर ऐसे जवानों का चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं जो कि ड्यूटी के दौरान उस प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
नियमित नौकरी सहित विभिन्न मांगों पर अमल कराने के लिए पीआरडी जवानों ने 16 अप्रैल को परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया था। जिसमें विभिन्न जिलों से जवान बिना छुट्टी लिए ही शामिल हो गए थे। कुछ जवान वर्दी में भी इस रैली में शामिल हुए थे। जिससे युवा कल्याण निदेशक विम्मी सचदेवा इससे नाराज हैं। उनका कहना है कि यह अनुशासनहीनता है। संगठन के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान भी उन्होंने जवानों को फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा कि वर्दी पहनकर प्रदर्शन करना अपराध की श्रेणी में आता है। अगर जरूरत पड़ी तो ऐसे जवानों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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निदेशक के निर्देश पर संयुक्त निदेशक आरसी डिमरी ने सभी जिलों के युवा कल्याण अधिकारियों को आदेश दिया है कि अपने जिलों के उन जवानों को चिन्हित करें, जो ड्यूटी में तैनात हैं और सोमवार को हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। दूसरी ओर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद मंद्रवाल का कहना है कि अगर कार्रवाई की गई तो वह हाईकोर्ट की शरण में जाएंगे।
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