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जब सूची में नाम होगी तभी करेंगे दावेदारी
Updated Sat, 10 Mar 2018 01:12 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
नगर निगम चुनाव के लिए वार्डों में तैयारी में जुटे संभावित प्रत्याशी आजकल नगर निगम की दौड़ लगा रहे हैं। दावेदार मतदाता सूची में अपना और समर्थकों का नाम चेक कर रहे हैं। चुनाव लड़ने के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है। 12 मार्च नाम जुड़वाने की आखिरी तारीख है।
मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य पूरा होने के बाद अब आपत्तियों का सत्यापन कर उनमें सुधार किया जा रहा है। सूची पुनरीक्षण में नगर निगम क्षेत्र के 100 वार्डों में मतदाताओं की संख्या करीब छह लाख पहुंच चुकी है। आपत्तियां निस्तारित होने पर करीब 25 हजार मतदाताओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। पुनरीक्षण अभियान के दौरान नगर निगम क्षेत्र में करीब 25 हजार मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज होने से छूट गए। ऐसे लोगों की आपत्तियां दर्ज कराने के बाद उनके नाम जोड़े जा रहे हैं। इनमें कई संभावित दावेदार भी हैं। आपत्तियों की सुनवाई और नाम जुड़वाने के लिए नगर निगम हॉल में काउंटर खोले गए हैं।
12 मार्च तक ही सूची में नाम संशोधन और नाम जुड़ सकते हैं। इसके चलते नगर निगम कार्यालय में रोजाना नेताओं की भीड़ उमड़ रही है। हर नेता मतदाता सूची में अपने नाम के अलावा परिवार और समर्थकों के नाम चेक कर रहे हैं। शाम पांच बजे तक लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
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सूची की फोटो खींच रहे नेता
राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते कई बार नेता मतदाता सूची से एक-दूसरे का नाम कटवा देते हैं, ताकि चुनाव लड़ने से बाहर हो जाएं। नेताओं को इसकी जानकारी तब मिलती है जब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो चुका होता है। ऐसी स्थिति में चुनाव लड़ने के अरमानों पर पानी फिर जाता है। सूची में अपने नाम देखने पहुंचने वाले कई नेता तो मतदाता सूची की फोटो तक खींच रहे हैं, ताकि वो संतुष्ट होने के साथ सबूत रख सके।
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आपत्तियों की सुनवाई के लिए 100 बीएलओ की ड्यूटी लगी है। बीएलओ सत्यापन के बाद ही मतदाता सूची में नाम जोड़ रहे हैं। 12 मार्च के बाद किसी तरह का संशोधन नहीं हो सकेगा।
- आरके दयाल, सहायक नगर आयुक्त
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नगर निगम चुनाव के लिए वार्डों में तैयारी में जुटे संभावित प्रत्याशी आजकल नगर निगम की दौड़ लगा रहे हैं। दावेदार मतदाता सूची में अपना और समर्थकों का नाम चेक कर रहे हैं। चुनाव लड़ने के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है। 12 मार्च नाम जुड़वाने की आखिरी तारीख है।
मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य पूरा होने के बाद अब आपत्तियों का सत्यापन कर उनमें सुधार किया जा रहा है। सूची पुनरीक्षण में नगर निगम क्षेत्र के 100 वार्डों में मतदाताओं की संख्या करीब छह लाख पहुंच चुकी है। आपत्तियां निस्तारित होने पर करीब 25 हजार मतदाताओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। पुनरीक्षण अभियान के दौरान नगर निगम क्षेत्र में करीब 25 हजार मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज होने से छूट गए। ऐसे लोगों की आपत्तियां दर्ज कराने के बाद उनके नाम जोड़े जा रहे हैं। इनमें कई संभावित दावेदार भी हैं। आपत्तियों की सुनवाई और नाम जुड़वाने के लिए नगर निगम हॉल में काउंटर खोले गए हैं।
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12 मार्च तक ही सूची में नाम संशोधन और नाम जुड़ सकते हैं। इसके चलते नगर निगम कार्यालय में रोजाना नेताओं की भीड़ उमड़ रही है। हर नेता मतदाता सूची में अपने नाम के अलावा परिवार और समर्थकों के नाम चेक कर रहे हैं। शाम पांच बजे तक लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
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सूची की फोटो खींच रहे नेता
राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते कई बार नेता मतदाता सूची से एक-दूसरे का नाम कटवा देते हैं, ताकि चुनाव लड़ने से बाहर हो जाएं। नेताओं को इसकी जानकारी तब मिलती है जब मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन हो चुका होता है। ऐसी स्थिति में चुनाव लड़ने के अरमानों पर पानी फिर जाता है। सूची में अपने नाम देखने पहुंचने वाले कई नेता तो मतदाता सूची की फोटो तक खींच रहे हैं, ताकि वो संतुष्ट होने के साथ सबूत रख सके।
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आपत्तियों की सुनवाई के लिए 100 बीएलओ की ड्यूटी लगी है। बीएलओ सत्यापन के बाद ही मतदाता सूची में नाम जोड़ रहे हैं। 12 मार्च के बाद किसी तरह का संशोधन नहीं हो सकेगा।
- आरके दयाल, सहायक नगर आयुक्त
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