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सर्वे की धीमी गति पर अफसरों को फटकारा
Updated Sat, 03 Feb 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
नगर निगम के सीमा विस्तार के बाद 22 जनवरी को शुरू हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आबादी के रैपिड सर्वे की धीमी गति पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई है। इस कार्य में लगे अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा कि आठ फरवरी तक रैपिड सर्वे हरहाल में पूरा कर लिया जाए। इसके बाद पूरा डाटा 10 फरवरी तक उन्हें सौंपा जाए।
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने पिछले माह अधिकारियों को 22 से 31 जनवरी तक ओबीसी का रैपिड सर्वे कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन दो फरवरी तक भी रैपिड सर्वे का कार्य पूरा नहीं हो पाया। नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने शुक्रवार को इस कार्य में लगे अधिकारियों को तलब कर सर्वे की स्थिति जानी। कार्य पूरा नहीं होने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई।
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प्रगणकों की लापरवाही से हो रही देरी
रैपिड सर्वे के लिए विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब एक हजार कर्मचारी बतौर प्रगणक नियुक्त किए गए थे, लेकिन दर्जनों प्रगणक अपने क्षेत्रों में सर्वे के लिए नहीं गए। कई ने तो सामग्री तक नहीं ली। इस कारण रैपिड सर्वे के कार्य में देरी हो रही है।
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नगर निगम के सीमा विस्तार के बाद 22 जनवरी को शुरू हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आबादी के रैपिड सर्वे की धीमी गति पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई है। इस कार्य में लगे अधिकारियों को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा कि आठ फरवरी तक रैपिड सर्वे हरहाल में पूरा कर लिया जाए। इसके बाद पूरा डाटा 10 फरवरी तक उन्हें सौंपा जाए।
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने पिछले माह अधिकारियों को 22 से 31 जनवरी तक ओबीसी का रैपिड सर्वे कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन दो फरवरी तक भी रैपिड सर्वे का कार्य पूरा नहीं हो पाया। नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने शुक्रवार को इस कार्य में लगे अधिकारियों को तलब कर सर्वे की स्थिति जानी। कार्य पूरा नहीं होने पर आयुक्त ने नाराजगी जताई।
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प्रगणकों की लापरवाही से हो रही देरी
रैपिड सर्वे के लिए विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब एक हजार कर्मचारी बतौर प्रगणक नियुक्त किए गए थे, लेकिन दर्जनों प्रगणक अपने क्षेत्रों में सर्वे के लिए नहीं गए। कई ने तो सामग्री तक नहीं ली। इस कारण रैपिड सर्वे के कार्य में देरी हो रही है।
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