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गैस लीकेज से लगी आग, चार झुलसे
Updated Wed, 05 Jul 2017 09:55 PM IST
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रुद्रप्रयाग। ऋषिकेश-बदरीनाथ राजमार्ग पर खांकरा में एक आवासीय मकान के किचन में गैस लीकेज से आग लग गई। आग की चपेट में आने से चार महिलाएं बुरी तरह से झुलस गई। परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को बेस अस्पताल श्रीनगर भर्ती कराया है।
जिला मुख्यालय से करीब 9 किमी दूर खांकरा में बुधवार शाम करीब ढाई बजे गणेश प्रसाद ममगाईं के पुत्र राकेश की पत्नी ज्योति ने किचन में खाली सिलेंडर को बदलकर भरा सिलेंडर लगाया। इस दौरान वह रेगुलेटर और चूल्हे के बटन को खुला छोड़कर बाहर आ गई और किचन के दरवाजे बंद कर दिए। करीब सवा तीन बजे वह दोबारा किचन में गई और चाय बनाने के लिए रसोई गैस के चूल्हे को माचिस से जलाने लगी। तभी पूरे किचन में आग लग गई। चिल्लाने पर बाहर बैठी उसकी देवरानी मंजू पत्नी बबलू ममगाईं और ननद गीता और प्रीति भी किचन में गए, लेकिन वे भी आग की लपटों में घिर गई। चारों की चीख सुनकर घर के अन्य लोग दौड़े-दौड़े किचन में पहुंचे और उन्हें बाहर निकाला। इस दौरान आग की लपटें सिलेंडर को भी अपने आगोश में ले चुकी थी, जिसे बमुश्किल से बुझाया गया। परिजनों ने चारों को 108 से बेस अस्पताल श्रीनगर पहुंचाया। ग्राम प्रधान प्रदीप मलासी व ओमकार नौटियाल ने बताया कि चारों के हाथ व चेहरे काफी झुलसे हुए हैं, लेकिन डाक्टरों ने स्थिति खतरे से बाहर बताई है। इधर, गांव में घटना के बाद से परिजन बेहाल हैं।
जिला मुख्यालय से करीब 9 किमी दूर खांकरा में बुधवार शाम करीब ढाई बजे गणेश प्रसाद ममगाईं के पुत्र राकेश की पत्नी ज्योति ने किचन में खाली सिलेंडर को बदलकर भरा सिलेंडर लगाया। इस दौरान वह रेगुलेटर और चूल्हे के बटन को खुला छोड़कर बाहर आ गई और किचन के दरवाजे बंद कर दिए। करीब सवा तीन बजे वह दोबारा किचन में गई और चाय बनाने के लिए रसोई गैस के चूल्हे को माचिस से जलाने लगी। तभी पूरे किचन में आग लग गई। चिल्लाने पर बाहर बैठी उसकी देवरानी मंजू पत्नी बबलू ममगाईं और ननद गीता और प्रीति भी किचन में गए, लेकिन वे भी आग की लपटों में घिर गई। चारों की चीख सुनकर घर के अन्य लोग दौड़े-दौड़े किचन में पहुंचे और उन्हें बाहर निकाला। इस दौरान आग की लपटें सिलेंडर को भी अपने आगोश में ले चुकी थी, जिसे बमुश्किल से बुझाया गया। परिजनों ने चारों को 108 से बेस अस्पताल श्रीनगर पहुंचाया। ग्राम प्रधान प्रदीप मलासी व ओमकार नौटियाल ने बताया कि चारों के हाथ व चेहरे काफी झुलसे हुए हैं, लेकिन डाक्टरों ने स्थिति खतरे से बाहर बताई है। इधर, गांव में घटना के बाद से परिजन बेहाल हैं।
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