National Games: अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की हुई घर वापसी, ये प्रमुख चेहरों हुए शामिल, कुछ का इंतजार
सरकार की खेल नीति में प्रोत्साहन को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की भी अब राज्य में वापसी हो रही है।
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38वें राष्ट्रीय खेलों से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की उत्तराखंड वापसी हो रही है। उत्तराखंड मूल के ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो पहले दूसरे राज्यों से खेल रहे थे, लेकिन इस बार उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध होने और सरकार की खेल नीति में प्रोत्साहन को देखते हुए राज्य की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने हैं। वहीं, कई शामिल होने के इंतजार में हैं।
इनमें एक प्रमुख चेहरा शूटिंग के खिलाड़ी अंकुल गोयल का है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के रेपिड फायर के खिलाड़ी हैं, भारत में उनकी चौथी रैंकिंग है। पैरा ओलंपिक कोच और द्रोणाचार्य अवॉर्ड्स सुभाष राणा ने बताया कि अंकुर पहले उत्तर प्रदेश से खेल रहे थे।
इस बार राष्ट्रीय खेलों के चलते देहरादून में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज तैयार होने और खेल नीति में संशोधन के बाद अंकुर राज्य में हमेशा के लिए लौट चुके हैं। वह उत्तर प्रदेश से एनओसी लेकर उत्तराखंड की शूटिंग टीम का हिस्सा बन चुके हैं। उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. डीके सिंह ने बताया कि वॉलीबाल में उत्तराखंड की टीम से रजत और अनुराग खेल रहे हैं। दोनों राज्य मूल के हैं, लेकिन अनुराग दिल्ली से और रजत रेलवे से खेल रहे थे।
सरकार की ओर से इनाम राशि दोगुनी होने के साथ उच्च पदों पर नौकरी की बढ़ती संभावनाएं भी खिलाड़ियों को आकर्षित कर रही हैं, जिसकी वजह से अंकुर गोयल वापिस आ चुके हैं। उनके अलावा भी कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी राज्य टीम से खेलने के लिए संपर्क कर रहे हैं।
सुभाष राणा, पैरा ओलंपिक कोच, द्रोणाचार्य अवॉर्डी
इस बार चयनित खिलाड़ियों की सूची में ऐसी कई प्रतिभाएं शामिल हैं जो उत्तराखंड मूल से हैं, लेकिन 38वें राष्ट्रीय खेलों से पहले अन्य राज्यों से खेल रहे थे। उन्होंने उत्तराखंड का रुख छोड़ दिया था। इस बार राष्ट्रीय खेलों में विकसित इंफ्रा को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ियों में होड़ देखने को मिली है कि वह अपने राज्यों के लिए खेलें। -डीके सिंह, महासचिव उत्तराखंड ओलंपिक संघ
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ये बेहद खुशी और गर्व का विषय है कि राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल अवस्थापनाओं के विकसित होने और खेल नीति में बदलाव के बाद देवभूमि के खिलाड़ी घर वापसी कर रहे हैं। दूसरे राज्यों से खेलने वाले राज्य मूल के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड की टीम में प्रतिभाग भी कर रहे हैं। आने वाले समय में संख्या और बढ़ने वाली है। -रेखा आर्या, खेल मंत्री