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38 गौसदनों को मिला ढ़ाई करोड़ की धनराशि का अनुदान
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मोथरोवाला स्थित पशुधन भवन के सभागार में शुक्रवार को 2021-22 वर्ष के वार्षिक गोसदन अनुदान एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। प्रदेशभर के 38 मान्यता प्रदान गौसदनों को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने ढाई करोड़ रुपये की धनराशि अनुदान में दी। उन्होंने गोवंश को लाभकारी बनाने का भी आह्वान किया।
रेखा आर्य ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से गोहत्या पर रोक लगाने तथा उनके संरक्षण के लिए अधिनियम 2007 पारित किया गया है। इसके तहत अलाभकारी गोवंश, जिनमें निराश्रित, वृद्ध, बीमार, घायल, विकलांग, अनुत्पादक शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस-प्रशासन द्वारा तस्करों से जब्त गोवंश भी इसके अंतर्गत आते हैं। बताया कि ऐसे सभी गोवंशो को गैर सरकारी पशुकल्याण संस्थाओं के माध्यम से शरण देने पर प्रोत्साहन के रूप में अनुदान दिया जाता है। कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व गोसदनों में स्थिति सही नहीं थी। भाजपा सरकार ने पहल करते हुए गोसदनों को संरक्षण दिया। कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में इस धनराशि को बढ़ाया जाएगा।
इस मौके पर उपाध्यक्ष उत्तराखंड गो सेवा आयोग पंडित राजेन्द्र अंथवाल, उपाध्यक्ष लोक सेवा अधिकरण एवं उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड के मनोनीत सदस्य राजीव गुप्ता, निदेशक पशुपालन डॉ. प्रेम कुमार, डॉ. नीरज सिंघल, डॉ. डीसी सेमवाल, डॉ. उर्वशी, डॉ. विवेकानंद सती, डॉ. अमित राय के अलावा 38 गोसदनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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रेखा आर्य ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से गोहत्या पर रोक लगाने तथा उनके संरक्षण के लिए अधिनियम 2007 पारित किया गया है। इसके तहत अलाभकारी गोवंश, जिनमें निराश्रित, वृद्ध, बीमार, घायल, विकलांग, अनुत्पादक शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस-प्रशासन द्वारा तस्करों से जब्त गोवंश भी इसके अंतर्गत आते हैं। बताया कि ऐसे सभी गोवंशो को गैर सरकारी पशुकल्याण संस्थाओं के माध्यम से शरण देने पर प्रोत्साहन के रूप में अनुदान दिया जाता है। कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व गोसदनों में स्थिति सही नहीं थी। भाजपा सरकार ने पहल करते हुए गोसदनों को संरक्षण दिया। कहा कि अगले वित्तीय वर्ष में इस धनराशि को बढ़ाया जाएगा।
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इस मौके पर उपाध्यक्ष उत्तराखंड गो सेवा आयोग पंडित राजेन्द्र अंथवाल, उपाध्यक्ष लोक सेवा अधिकरण एवं उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड के मनोनीत सदस्य राजीव गुप्ता, निदेशक पशुपालन डॉ. प्रेम कुमार, डॉ. नीरज सिंघल, डॉ. डीसी सेमवाल, डॉ. उर्वशी, डॉ. विवेकानंद सती, डॉ. अमित राय के अलावा 38 गोसदनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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