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अनंत ज्ञान और विज्ञान के भंडार हैं चारों वेद

Wed, 26 Dec 2018 02:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 26 Dec 2018 02:00 AM IST
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अनंत ज्ञान और विज्ञान के भंडार हैं चारों वेद
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
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विद्यापीठ मार्ग स्थित गार्डन रिसोर्ट में मार्तंड वेद विज्ञान अनुसंधान संस्थान की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय वेद सम्मेलन में मंगलवार को अंतिम दिन वेद ज्ञाताओं ने वेदों में निहित विज्ञान पर चर्चा की। वेद ज्ञाताओं ने कहा कि चारों वेद अनंत ज्ञान और विज्ञान के भंडार हैं।
राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान देवप्रयाग के वेद विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र उनियाल ने कहा सृष्टि रचना से लगाकर आज तक वैज्ञानिकों ने जो खोज की है, उनकी वह खोज सदा से वेदों के अनुरूप रही है। सृष्टि में जो हो रहा है वह वेदों के अनुसार है। बताया कि यजुर्वेद के अनुसार पृथ्वी अग्नि और जल से उत्पन्न होती है। सूर्य पृथ्वी का पिता है इसलिए पृथ्वी आकर्षण शक्ति से आकाश में सूर्य के चारों ओर अपनी कक्षा में भ्रमण करती है। पृथ्वी के भ्रमण का निमित सूर्य है।
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दिल्ली से आए अथर्ववेद के ज्ञाता डॉ. हनुमत प्रसाद ने बताया कि ऋग्वेद में सूर्य द्वारा वर्षा होना सिद्ध है। ऋग्वेद के अनुसार सूर्य अपनी किरणों से सरोवर आदि का पानी भाप बनाकर ऊपर ले जाता है और वर्षा ऋतु में पृथ्वी पर बरसाता है। इसी प्रकार अथर्ववेद में चिकित्सा विज्ञान आदि का भरपूर ज्ञान दिया है। सामवेद में बताया गया कि परमेश्वर की असंख्य भूमि (लोक) एक साथ घूम रहीं है आपस में टकराती नहीं है। भाव यह है कि अंतरिक्ष में ग्रह घूम रहे हैं। लेकिन आपस में टकराते नहीं है। उन्होंने कहा कि तिनके से लगाकर ब्रह्मा तक का संपूर्ण ज्ञान और विज्ञान का भंडार चारों वेदों में हैं। आयोजक संस्था के अध्यक्ष डॉ. सुनील पैन्यूली, उमाकांत शर्मा, संदीप भट्ट, आत्माराम पौंडल, महेश सामवेदी आदि मौजूद रहे।
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वेद ज्ञाताओं को किया सम्मानित
राष्ट्रीय वेद सम्मेलन के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहीं टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने आयोजक संस्था को पांच लाख की राशि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने वेद के प्रचार प्रसार के लिए कार्य करने पर अरुण व्यास, संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए आचार्य ऋषि राम बहुगुणा व पुराण, उपनिषद के क्षेत्र में कार्य करने के लिए डॉ. संतोष खंडूड़ी को पं. सच्चिदानंद पैन्यूली सम्मान से नवाजा गया। जबकि प्रेमचंद जैन, सतीश जायसवाल, जगदीश जोशी, अपूर्व पंवार, सुधीर अग्रवाल और ललित गुप्ता को वेद सेवा सम्मान से नवाजा गया। सांसद ने कहा कि वेदों का अनुसरण करने से ही भारतीय संस्कृति पुरातन गौरव को हासिल करेगी और भारत एक बार फिर से विश्व गुरु बनेगा। इस दौरान पूर्व विधायक कुलदीप कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष शांति जुवांठा, ब्लॉक प्रमुख तारा देवी आदि मौजूद रहे।
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