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गैरसैंण स्थाई राजधानी से कम कुछ मंजूर नहीं
Updated Wed, 07 Mar 2018 01:24 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
गैरसैंण को प्रदेश की स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर उक्रांद ने मंगलवार को धरना प्रदर्शन किया। शहीद स्मारक पर धरना देते हुए उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें गैरसैंण स्थायी राजधानी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
कचहरी परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राज्य गठन के 17 साल बाद भी राजधानी का मुद्दा हल न हो पाना, सरकारों की विफलता को दर्शाता है। राज्य आंदोलन के समय से गैरसैंण राजधानी की मांग उठती रही। जब पहाड़ी राज्य की परिकल्पना हुई तो उसकी राजधानी के रूप में केवल गैरसैंण का नाम लिया जाता था। लेकिन राज्य बनने के बाद देहरादून को अस्थायी राजधानी बनाकर मामले को लटका दिया गया। अब सरकारें और राष्ट्रीय दल गैरसैंण राजधानी के नाम पर केवल राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। इसके विरोध में उक्रांद 20 मार्च को प्रस्तावित सत्र के दौरान विधानसभा घेराव करेगी।
उन्होंने प्रदेश सरकार के सहारनपुर व बिजनौर क्षेत्र को उत्तराखंड में मिलाने के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि उक्रांद अब गैरसैंण राजधानी के लिए राज्य आंदोलन की तरह सड़कों पर उतरकर जनांदोलन खड़ा करेगी। धरना प्रदर्शन करने वालों में बीडी रतूड़ी, संजय क्षेत्री, लताफत हुसैन, शांति प्रसाद भट्ट, ओमी उनियाल, मानवेंद्र सिंह रांगड, बिलास गौड़ समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
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गैरसैंण को प्रदेश की स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर उक्रांद ने मंगलवार को धरना प्रदर्शन किया। शहीद स्मारक पर धरना देते हुए उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें गैरसैंण स्थायी राजधानी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
कचहरी परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राज्य गठन के 17 साल बाद भी राजधानी का मुद्दा हल न हो पाना, सरकारों की विफलता को दर्शाता है। राज्य आंदोलन के समय से गैरसैंण राजधानी की मांग उठती रही। जब पहाड़ी राज्य की परिकल्पना हुई तो उसकी राजधानी के रूप में केवल गैरसैंण का नाम लिया जाता था। लेकिन राज्य बनने के बाद देहरादून को अस्थायी राजधानी बनाकर मामले को लटका दिया गया। अब सरकारें और राष्ट्रीय दल गैरसैंण राजधानी के नाम पर केवल राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। इसके विरोध में उक्रांद 20 मार्च को प्रस्तावित सत्र के दौरान विधानसभा घेराव करेगी।
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उन्होंने प्रदेश सरकार के सहारनपुर व बिजनौर क्षेत्र को उत्तराखंड में मिलाने के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि उक्रांद अब गैरसैंण राजधानी के लिए राज्य आंदोलन की तरह सड़कों पर उतरकर जनांदोलन खड़ा करेगी। धरना प्रदर्शन करने वालों में बीडी रतूड़ी, संजय क्षेत्री, लताफत हुसैन, शांति प्रसाद भट्ट, ओमी उनियाल, मानवेंद्र सिंह रांगड, बिलास गौड़ समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
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