{"_id":"5a8f269e4f1c1b187e8b7b87","slug":"31519330974-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहाड़ में डॉक्टर आते हैं और छुट्टियां लेकर गायब हो जाते हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहाड़ में डॉक्टर आते हैं और छुट्टियां लेकर गायब हो जाते हैं
Updated Fri, 23 Feb 2018 01:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चिंता जताई है। एचएनबी मेडिकल विवि के दीक्षांत समारोह में पहुंचे सीएम रावत ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक विषय है। डॉक्टर आते हैं और छुट्टियां लेकर गायब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि जल्द प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर होगी। साथ ही पहाड़ में 1000 नर्सों की भी भर्ती की जाएगी।
सीएम ने हाल ही में उत्तरकाशी के सावणी में हुए अग्निकांड का जिक्र करते हुए बताया कि वहां के ग्रामीण जखोल में ठहरे हैं। उस गांव में जब महिलाओं से बात की तो पता चला कि हर साल कई महिलाएं प्रसव के दौरान मर जाती हैं। उन्हें प्रसव के लिए डॉक्टर ही नहीं मिल पाते। सीएम ने नैनीताल के ओखलकांडा गांव में एक महिला के प्रसव से पहले ही बच्चे की मौत का जिक्र किया और कहा कि हम सभी के लिए बेहद शर्म की बात है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है। जल्द 700 चिकित्सक प्रदेशभर में पहुंच जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि जब ईसाई समुदाय के लोग अपने ऐशो-आराम की जिंदगी छोड़कर दुर्गम इलाकों तक जाकर सेवा कर सकते हैं तो यह भावना हमारे भीतर क्यों नहीं है। उन्होंने डिग्री लेने वाले डॉक्टरों से आह्वान किया कि सेवाभाव के साथ काम करें और गलत कामों से डरें। सीएम ने इस बात पर भी चिंता जताई कि डॉक्टर पहाड़ आते हैं और फिर छुट्टियां लेकर गायब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मार्च तक सभी प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक उपलब्ध हो जाएंगे। सभी जिला मुख्यालयों में आईसीयू की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
--
डॉक्टर को कसाई बनने में देर नहीं लगती
सीएम त्रिवेंद्र रावत चिकित्सकों की भावना को लेकर काफी सख्त और नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर जैसे ही केवल धन कमाने की लालसा से काम करना शुरू करते हैं तो उन्हें कसाई बनने में देर नहीं लगती। उन्होंने आह्वान किया कि युवा डॉक्टरों को ऐसा कसाई नहीं बनना है। पाप करने से डरना है और इंसानियत की सेवा करनी है।
--
छात्रा से पूछा, बेटा धारचूला जाओगी
दीक्षांत समारोह में पहुंची एक छात्रा जैसे ही मंच पर सिल्वर मेडल लेने पहुंची तो सीएम की डॉक्टरों की कमी की चिंता नजर आई। उन्होंने छात्रा से पूछा कि बेटा धारचूला में काम करोगी। छात्रा ने भी तुरंत हां में सिर हिला दिया। इस पर सीएम काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि हमारे बेटे-बेटियों को ऐसे ही पहाड़ की चिंता होनी चाहिए।
--
कुर्ता पायजामा-सलवार सूट बना दीक्षांत परिधान
एचएनबी मेडिकल विवि के दीक्षांत समारोह में दिखी प्रदेश के परिधानों की झलक
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
एचएनबी मेडिकल विवि के पहले दीक्षांत समारोह में उत्तराखंड के दीक्षांत परिधानों की झलक नजर आई। छात्र जहां कुर्ता पायजामा पहनकर आए, वहीं छात्राएं सलवार-सूट और साड़ी में नजर्र आइं। सरकार की पहल पर दीक्षांत समारोह की वेशभूषा तैयार की जा रही है। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि आने वाले 15 दिनों में दीक्षांत परिधान फाइनल हो जाएंगे। इसके बाद प्रदेश में जिस भी विवि में दीक्षांत समारोह होगा, वहां यही परिधान पहनकर छात्र डिग्री लेंगे।
पिछले वर्ष यूपीईएस के दीक्षांत समारोह में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दीक्षांत की ड्रेस पहनने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि यह अंग्रेजों की गुलामी की प्रतीक है। उन्होंने प्रदेश में दीक्षांत समारोह की अपनी ड्रेस शुरू करने की बात कही थी। इसके बाद उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत की अध्यक्षता में बनी समिति ने दीक्षांत परिधान तैयार करने का काम शुरू किया। ग्राफिक एरा पर्वतीय विवि की ओर से तैयार की गई ड्रेस की पहली झलक बृहस्पतिवार को एचएनबी मेडिकल विवि के दीक्षांत समारोह में नजर आई। छात्र सफेद कुर्ता-पायजामा पहनकर आए।
साथ ही विवि की ओर से छात्रों को पहाड़ी टोपी दी गई, जिसका डिजाइन विशेष रूप से तैयार किया गया है। राज्यपाल सहित सभी अतिथि भी दीक्षांत के उत्तराखंडी परिधान में नजर आए। इसमें जहां गढ़वाल राइफल्स और कुमाऊं रेजीमेंट का रंग नजर आया, वहीं ऐंपण, मोनाल और सरस्वती चौकी की झलक भी देखने को मिली। हालांकि, अभी अंतिम ड्रेस तैयार नहीं हुई है। उत्तराखंडी परिधानों में छात्रों को देखकर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खुशी जाहिर की। उच्च शिक्षाराज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि 15 दिनों के भीतर पूर्ण रूप से उत्तराखंडी ड्रेस तैयार हो जाएगी। इसके बाद इस परिधान पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री की संस्तुति ली जाएगी।
विज्ञापन
पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली पर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चिंता जताई है। एचएनबी मेडिकल विवि के दीक्षांत समारोह में पहुंचे सीएम रावत ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक विषय है। डॉक्टर आते हैं और छुट्टियां लेकर गायब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि जल्द प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर होगी। साथ ही पहाड़ में 1000 नर्सों की भी भर्ती की जाएगी।
सीएम ने हाल ही में उत्तरकाशी के सावणी में हुए अग्निकांड का जिक्र करते हुए बताया कि वहां के ग्रामीण जखोल में ठहरे हैं। उस गांव में जब महिलाओं से बात की तो पता चला कि हर साल कई महिलाएं प्रसव के दौरान मर जाती हैं। उन्हें प्रसव के लिए डॉक्टर ही नहीं मिल पाते। सीएम ने नैनीताल के ओखलकांडा गांव में एक महिला के प्रसव से पहले ही बच्चे की मौत का जिक्र किया और कहा कि हम सभी के लिए बेहद शर्म की बात है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है। जल्द 700 चिकित्सक प्रदेशभर में पहुंच जाएंगे।
विज्ञापन
उन्होंने यह भी कहा कि जब ईसाई समुदाय के लोग अपने ऐशो-आराम की जिंदगी छोड़कर दुर्गम इलाकों तक जाकर सेवा कर सकते हैं तो यह भावना हमारे भीतर क्यों नहीं है। उन्होंने डिग्री लेने वाले डॉक्टरों से आह्वान किया कि सेवाभाव के साथ काम करें और गलत कामों से डरें। सीएम ने इस बात पर भी चिंता जताई कि डॉक्टर पहाड़ आते हैं और फिर छुट्टियां लेकर गायब हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मार्च तक सभी प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक उपलब्ध हो जाएंगे। सभी जिला मुख्यालयों में आईसीयू की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
--
डॉक्टर को कसाई बनने में देर नहीं लगती
सीएम त्रिवेंद्र रावत चिकित्सकों की भावना को लेकर काफी सख्त और नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर जैसे ही केवल धन कमाने की लालसा से काम करना शुरू करते हैं तो उन्हें कसाई बनने में देर नहीं लगती। उन्होंने आह्वान किया कि युवा डॉक्टरों को ऐसा कसाई नहीं बनना है। पाप करने से डरना है और इंसानियत की सेवा करनी है।
--
छात्रा से पूछा, बेटा धारचूला जाओगी
दीक्षांत समारोह में पहुंची एक छात्रा जैसे ही मंच पर सिल्वर मेडल लेने पहुंची तो सीएम की डॉक्टरों की कमी की चिंता नजर आई। उन्होंने छात्रा से पूछा कि बेटा धारचूला में काम करोगी। छात्रा ने भी तुरंत हां में सिर हिला दिया। इस पर सीएम काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि हमारे बेटे-बेटियों को ऐसे ही पहाड़ की चिंता होनी चाहिए।
--
कुर्ता पायजामा-सलवार सूट बना दीक्षांत परिधान
एचएनबी मेडिकल विवि के दीक्षांत समारोह में दिखी प्रदेश के परिधानों की झलक
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
एचएनबी मेडिकल विवि के पहले दीक्षांत समारोह में उत्तराखंड के दीक्षांत परिधानों की झलक नजर आई। छात्र जहां कुर्ता पायजामा पहनकर आए, वहीं छात्राएं सलवार-सूट और साड़ी में नजर्र आइं। सरकार की पहल पर दीक्षांत समारोह की वेशभूषा तैयार की जा रही है। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि आने वाले 15 दिनों में दीक्षांत परिधान फाइनल हो जाएंगे। इसके बाद प्रदेश में जिस भी विवि में दीक्षांत समारोह होगा, वहां यही परिधान पहनकर छात्र डिग्री लेंगे।
पिछले वर्ष यूपीईएस के दीक्षांत समारोह में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दीक्षांत की ड्रेस पहनने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि यह अंग्रेजों की गुलामी की प्रतीक है। उन्होंने प्रदेश में दीक्षांत समारोह की अपनी ड्रेस शुरू करने की बात कही थी। इसके बाद उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत की अध्यक्षता में बनी समिति ने दीक्षांत परिधान तैयार करने का काम शुरू किया। ग्राफिक एरा पर्वतीय विवि की ओर से तैयार की गई ड्रेस की पहली झलक बृहस्पतिवार को एचएनबी मेडिकल विवि के दीक्षांत समारोह में नजर आई। छात्र सफेद कुर्ता-पायजामा पहनकर आए।
साथ ही विवि की ओर से छात्रों को पहाड़ी टोपी दी गई, जिसका डिजाइन विशेष रूप से तैयार किया गया है। राज्यपाल सहित सभी अतिथि भी दीक्षांत के उत्तराखंडी परिधान में नजर आए। इसमें जहां गढ़वाल राइफल्स और कुमाऊं रेजीमेंट का रंग नजर आया, वहीं ऐंपण, मोनाल और सरस्वती चौकी की झलक भी देखने को मिली। हालांकि, अभी अंतिम ड्रेस तैयार नहीं हुई है। उत्तराखंडी परिधानों में छात्रों को देखकर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खुशी जाहिर की। उच्च शिक्षाराज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि 15 दिनों के भीतर पूर्ण रूप से उत्तराखंडी ड्रेस तैयार हो जाएगी। इसके बाद इस परिधान पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री की संस्तुति ली जाएगी।