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सौ दिन की सरकार से अन्नदाता निराश
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:31 PM IST
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रुड़की।
भाजपा भले ही सौ दिन की सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए जश्न मना रही हो, लेकिन त्रिवेंद्र सरकार का अब तक का कार्यकाल किसानों के लिए निराशाजनक रहा। किसानों के लिए चुनावी घोषणाओं में से एक पर भी सरकार खरी नहीं उतर पाई हैं।
त्रिवेंद्र सरकार के सौ दिन पूर हो गए हैं। इस पर भाजपाई जगह-जगह कार्यक्रम कर खुशियां मना रहे हैं। देहरादून में तो विकास कार्यों का बखान करने के लिए एक प्रदर्शनी का आयोजन करने के साथ एक स्मारिका का विमोचन भी सीएम की ओर से किया जा रहा है, लेकिन अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों के लिए प्रदेश सरकार ने एक भी काम नहीं किया है। जबकि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में किसानों से तीन वादे किए थे। इनमें 15 दिन में गन्ना भुगतान एवं कर्ज माफी और बिना ब्याज के लिए फसली ऋण मुहैया कराने की घोषणा की थी। लेकिन इनमें से एक भी वादे पर सरकार ने कोई अमल नहीं किया। आलम यह है कि जब से प्रदेश में भाजपा सरकार बनी है, तब से शुगर मिलों ने भुगतान ही जारी नहीं किया है। जबकि मिलों पर करोड़ों रुपये का बकाया चल रहा है। कर्ज माफी एवं बिना ब्याज के ऋण के लिए तो अब तक मुख्यमंत्री ने जिक्र तक नहीं किया है। इससे किसानों में रोष है। इसके अलावा रुड़की शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी सरकार ने कोई उपलब्धि भरा महत्वपूर्ण कार्य नहीं किया है। जिसे उपलब्धि में गिना जा सके।
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भाजपा भले ही सौ दिन की सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए जश्न मना रही हो, लेकिन त्रिवेंद्र सरकार का अब तक का कार्यकाल किसानों के लिए निराशाजनक रहा। किसानों के लिए चुनावी घोषणाओं में से एक पर भी सरकार खरी नहीं उतर पाई हैं।
त्रिवेंद्र सरकार के सौ दिन पूर हो गए हैं। इस पर भाजपाई जगह-जगह कार्यक्रम कर खुशियां मना रहे हैं। देहरादून में तो विकास कार्यों का बखान करने के लिए एक प्रदर्शनी का आयोजन करने के साथ एक स्मारिका का विमोचन भी सीएम की ओर से किया जा रहा है, लेकिन अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों के लिए प्रदेश सरकार ने एक भी काम नहीं किया है। जबकि भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में किसानों से तीन वादे किए थे। इनमें 15 दिन में गन्ना भुगतान एवं कर्ज माफी और बिना ब्याज के लिए फसली ऋण मुहैया कराने की घोषणा की थी। लेकिन इनमें से एक भी वादे पर सरकार ने कोई अमल नहीं किया। आलम यह है कि जब से प्रदेश में भाजपा सरकार बनी है, तब से शुगर मिलों ने भुगतान ही जारी नहीं किया है। जबकि मिलों पर करोड़ों रुपये का बकाया चल रहा है। कर्ज माफी एवं बिना ब्याज के ऋण के लिए तो अब तक मुख्यमंत्री ने जिक्र तक नहीं किया है। इससे किसानों में रोष है। इसके अलावा रुड़की शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी सरकार ने कोई उपलब्धि भरा महत्वपूर्ण कार्य नहीं किया है। जिसे उपलब्धि में गिना जा सके।
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