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30 संपर्क मार्ग दो दिन बाद भी बंद
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लोखंडी लोहारी मोटर मार्ग पर आए मलबे को देखता स्थानीय निवासी।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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विकासनगर। भारी बारिश के बीच मलबा आने से जौनसार बावर क्षेत्र के 30 संपर्क मार्ग दो दिन बाद भी बंद पड़े हैं। इन मार्गों से जुड़े करीब 100 गांवों की आबादी घरों में कैद हो कर रह गई है। लोगों का कालसी तहसील से संपर्क पूरी तरह से कटा हुआ है। इससे लोगों तक जरूरी रसद नहीं पहुंच पा रही है।
मार्ग बंद होने से फसलों से लदे वाहन रास्तों में फंसे हुए हैं। लोगों को पगडंडियों के सहारे 4 से 5 किमी का सफर पैदल तय कर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। तीमारदारों को भी मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार सुबह क्षेत्र की विभिन्न सड़कों से मलबा हटाने का काम शुरू हो गया। फिलहाल, साहिया-क्वानू, हईया-अलसी के बीच मलबा हटा यातायात बहाल कर दिया गया है।
मालूम हो कि बीते शनिवार को तेज बारिश से जौनसार बावर क्षेत्र के 32 से अधिक संपर्क मार्ग बंद हो गए थे। इनमें से अब भी कई संपर्क मार्गों पर यातायात बहाल नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई सड़कों पर जहां भारी मात्रा में मलबा आया हुआ है। वहीं, कई सड़कें भूस्खलन से पूरी परह से टूट गई हैं। इनके पुनर्निर्माण और मलबा हटाने में खासा दिक्कतें पेश आ रही हैं। ग्रामीण संतन सिंह, रमेश सिंह, गेंदाराम आदि का कहना है कि सड़कों के न खुलने से उन्हें पगडंडियों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। जरूरी रसद भी पीठ पर लादकर गांव तक पहुंचानी पड़ रही है
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ये सड़कें अब भी बंद
लोनिवि चकराता के अंतर्गत गोराघाटी-मानथात, चकराता-लाखामंडल, दारागाड़-कथियान, मोरी-रजाणू, लोखंडी-लोहारी, त्यूनी-पुरोली, लोनिवि कालसी के अंतर्गत बाइला, हयो-टगरी, लांघा-बिन्हार, धोयरा-देऊ, ऊभरेऊ, माख्टी-पोखरी, कंधाड़, मसराड़, बानपुर, अटाल-सैंज, रडू-मुंधोल, सिलीगाड़-कुनैन, नगऊ-मलऊ, हनोल-चातरा, सावरा-डुंगरी, लोनिवि साहिया के अंतर्गत हरिपुर-कोटी-मीनसर, क्वानू-साहिया, गडोल-सकरोल, गास्की, बिजऊ-कोईथा, पंजिया, दधऊ-रुपऊ, कोरूवा-क्वारना, पजिटिलानी संपर्क मार्ग जगह-जगह मलबा आने के कारण बंद पड़े हुए हैं।
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सभी सड़कों से मलबा हटा यातायात बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। शीघ्र ही सभी सड़कों से मलबा हटा लिया जाएगा। - डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि साहिया
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मार्ग बंद होने से फसलों से लदे वाहन रास्तों में फंसे हुए हैं। लोगों को पगडंडियों के सहारे 4 से 5 किमी का सफर पैदल तय कर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। तीमारदारों को भी मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार सुबह क्षेत्र की विभिन्न सड़कों से मलबा हटाने का काम शुरू हो गया। फिलहाल, साहिया-क्वानू, हईया-अलसी के बीच मलबा हटा यातायात बहाल कर दिया गया है।
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मालूम हो कि बीते शनिवार को तेज बारिश से जौनसार बावर क्षेत्र के 32 से अधिक संपर्क मार्ग बंद हो गए थे। इनमें से अब भी कई संपर्क मार्गों पर यातायात बहाल नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई सड़कों पर जहां भारी मात्रा में मलबा आया हुआ है। वहीं, कई सड़कें भूस्खलन से पूरी परह से टूट गई हैं। इनके पुनर्निर्माण और मलबा हटाने में खासा दिक्कतें पेश आ रही हैं। ग्रामीण संतन सिंह, रमेश सिंह, गेंदाराम आदि का कहना है कि सड़कों के न खुलने से उन्हें पगडंडियों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। जरूरी रसद भी पीठ पर लादकर गांव तक पहुंचानी पड़ रही है
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ये सड़कें अब भी बंद
लोनिवि चकराता के अंतर्गत गोराघाटी-मानथात, चकराता-लाखामंडल, दारागाड़-कथियान, मोरी-रजाणू, लोखंडी-लोहारी, त्यूनी-पुरोली, लोनिवि कालसी के अंतर्गत बाइला, हयो-टगरी, लांघा-बिन्हार, धोयरा-देऊ, ऊभरेऊ, माख्टी-पोखरी, कंधाड़, मसराड़, बानपुर, अटाल-सैंज, रडू-मुंधोल, सिलीगाड़-कुनैन, नगऊ-मलऊ, हनोल-चातरा, सावरा-डुंगरी, लोनिवि साहिया के अंतर्गत हरिपुर-कोटी-मीनसर, क्वानू-साहिया, गडोल-सकरोल, गास्की, बिजऊ-कोईथा, पंजिया, दधऊ-रुपऊ, कोरूवा-क्वारना, पजिटिलानी संपर्क मार्ग जगह-जगह मलबा आने के कारण बंद पड़े हुए हैं।
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सभी सड़कों से मलबा हटा यातायात बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। शीघ्र ही सभी सड़कों से मलबा हटा लिया जाएगा। - डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि साहिया