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सड़क का 30 मीटर हिस्सा ढहा, छह गांव की आवाजाही ठप
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कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास मलबा आने से मार्ग बंद।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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साहिया। देर रात हुई बारिश के बीच शंभू की चौकी-ददोऊ-पंजिया-बनसार मोटर मार्ग पर पंजिया के पास सड़क का करीब 30 मीटर भूस्खलन की चपेट में आकर ढह गया। इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। करीब सात गांवों की आबादी का संपर्क अन्य इलाकों से पूरी तरह से कट गया है। लोगों को पैदल ही मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ रहा है। फसलों को भी मंडी तक पहुंचाने में खासा मशक्कत करनी पड़ रही है।
11 किमी लंबी सड़क से ददोऊ, पंजिया, बनसार, लुंवाठा, अमराया, सैरी समेत छह गांव की आबादी जुड़ी हुई है। फिलहाल अब सड़क के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए पांच-छह किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। स्थानीय निवासी बलवीर सिंह चौहान, बलवीर सिंह भंडारी, जगत सिंह, टीकम सिंह, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि सड़क के क्षतिग्रस्त होने से रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं गांव तक पहुंचाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। लोगों को बरसात में फिसलन भरी पहाड़ियों पर जोखिम भरा सफर तय कर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने कहा कि संबंधित सहायक अभियंता को निर्देशित कर फौरी तौर पर सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
श्रमदान कर खोली सड़क
साहिया। देर रात को हुई तेज बारिश के बीच हईया-अलसी मोटर मार्ग भी जगह-जगह मलबा आने से बंद हो गया। इसके चलते करीब एक दर्जन गांव की आबादी का संपर्क अन्य इलाकों से कट गया। शनिवार दोपहर एक बजे तक भी सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हुई तो लोगों को श्रमदान कर सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल करानी पड़ी। लोगों ने बेलचा, फावड़ा लेकर सड़क पर आया मलबा हटाया। रवि पंवार, ग्यारु दास, मोहन सिंह, चमन सिंह, प्रेम दास, राजेंद्र सिंह पंवार आदि का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह मलबा आ गया था। इन लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग ने दो साल पूर्व क्षतिग्रस्त हुए स्क्रबर को अब तक ठीक नहीं किया है। इसके चलते स्क्रबर का पानी सड़क पर बह रहा है।इससे सड़क पर जगह-जगह खाइयां बन गई हैं।
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17 घंटे बंद रही जौनसार बावर की लाइफ लाइन
साहिया। कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास सक्रिय हुई पहाड़ी मोटरमार्ग पर सफर करने वालों के लिए नासूर बन गई है। बीते एक सप्ताह में सड़क पर आठ से ज्यादा बार वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लगा है। बीते शुक्रवार देर शाम 7 बजे भी सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आ गया था। शनिवार दोपहर 12 बजे सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल कराई जा सकी। इस दौरान टमाटर, हरा धनिया, शिमला मिर्च, बीन, आलू की फसल से लदे वाहन बीच सड़क पर फंसे रहे। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। करीब 17 घंटे बाद सड़क से मलबा हटाया जा सका।
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11 किमी लंबी सड़क से ददोऊ, पंजिया, बनसार, लुंवाठा, अमराया, सैरी समेत छह गांव की आबादी जुड़ी हुई है। फिलहाल अब सड़क के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए पांच-छह किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। स्थानीय निवासी बलवीर सिंह चौहान, बलवीर सिंह भंडारी, जगत सिंह, टीकम सिंह, गजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि सड़क के क्षतिग्रस्त होने से रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं गांव तक पहुंचाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। लोगों को बरसात में फिसलन भरी पहाड़ियों पर जोखिम भरा सफर तय कर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ रहा है। लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह ने कहा कि संबंधित सहायक अभियंता को निर्देशित कर फौरी तौर पर सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
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श्रमदान कर खोली सड़क
साहिया। देर रात को हुई तेज बारिश के बीच हईया-अलसी मोटर मार्ग भी जगह-जगह मलबा आने से बंद हो गया। इसके चलते करीब एक दर्जन गांव की आबादी का संपर्क अन्य इलाकों से कट गया। शनिवार दोपहर एक बजे तक भी सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हुई तो लोगों को श्रमदान कर सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल करानी पड़ी। लोगों ने बेलचा, फावड़ा लेकर सड़क पर आया मलबा हटाया। रवि पंवार, ग्यारु दास, मोहन सिंह, चमन सिंह, प्रेम दास, राजेंद्र सिंह पंवार आदि का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह मलबा आ गया था। इन लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग ने दो साल पूर्व क्षतिग्रस्त हुए स्क्रबर को अब तक ठीक नहीं किया है। इसके चलते स्क्रबर का पानी सड़क पर बह रहा है।इससे सड़क पर जगह-जगह खाइयां बन गई हैं।
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17 घंटे बंद रही जौनसार बावर की लाइफ लाइन
साहिया। कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास सक्रिय हुई पहाड़ी मोटरमार्ग पर सफर करने वालों के लिए नासूर बन गई है। बीते एक सप्ताह में सड़क पर आठ से ज्यादा बार वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लगा है। बीते शुक्रवार देर शाम 7 बजे भी सड़क पर भारी मात्रा में मलबा आ गया था। शनिवार दोपहर 12 बजे सड़क पर वाहनों की आवाजाही बहाल कराई जा सकी। इस दौरान टमाटर, हरा धनिया, शिमला मिर्च, बीन, आलू की फसल से लदे वाहन बीच सड़क पर फंसे रहे। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। करीब 17 घंटे बाद सड़क से मलबा हटाया जा सका।

कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास मलबा आने से मार्ग बंद।- फोटो : VIKAS NAGAR

पंजिया के पास भू कटाव की भेंट चढ़ा शंभू की चौकी-ददोऊ-पंजिया-बनसार मोटर मार्ग- फोटो : VIKAS NAGAR

कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेट के पास मलबा आने से मार्ग बंद।- फोटो : VIKAS NAGAR