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अपना दबदबा दिखाने की कोशिश में बहुगुणा कैंप

Mon, 13 Jan 2014 08:30 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 13 Jan 2014 08:30 AM IST
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22 mla in the side of vijay bahuguna

उत्तराखंड में धड़ों में बंटी कांग्रेस में अब बहुगुणा कैंप अपना दबदबा दिखाने की कोशिश में है। कहा जा रहा है कि 22 विधायक बहुगुणा को मुख्यमंत्री बने रहने देने के पक्ष में हैं।

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सरकार गठन के समय से ही रस्साकसी जारी
इनकी सूची बाकायदा हाईकमान को भी सौंपी गई है। दूसरी ओर हरीश रावत कैंप भी शक्ति प्रदर्शन के लिए सही वक्त का इंतजार करता दिख रहा है। प्रदेश कांग्रेस में सरकार गठन के समय से ही रस्साकसी जारी है।
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उस समय हरीश रावत समर्थक विधायकों ने बाकायदा दिल्ली में रावत के आवास पर ही डेरा जमा लिया था। हालांकि हरीश समर्थक विधायक इस समय खामोश हैं। माना जा रहा है कि इनकी अति सक्रियता पर खुद हरीश रावत अंकुश लगाए हुए हैं।

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वहीं बहुगुणा कैंप पूरी तरह से सक्रिय है। सूत्रों के मुताबिक बहुगुणा के पक्ष में 22 विधायकों ने हामी भरी है। इसमें खुद मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल बताए जा रहे हरक सिंह भी शामिल हैं। इसके अलावा महाराज कैंप के विधायक भी हैं।


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हालांकि कांग्रेस के एक मंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि फैसला हो चुका है। इंतजार केवल विधानसभा सत्र के समाप्त होने का है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में काम न होने की सरकार की विफलता इसमें सबसे बढ़ा मुद्दा बनकर उभरी है।

पीडीएफ में दरार संभव

बहुगुणा कैंप पीडीएफ को अपना सबसे बड़ा अस्त्र मान रहा है , पर सतपाल महाराज और इंदिरा हृदयेश के बीच में आने से पीडीएफ में दरार पड़ने की संभावना है। निर्दलीय विधायक हरीश दुर्गापाल कैबिनेट मंत्री इंदिरा हृदयेश के नजदीकी हैं।

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वहीं मंत्री प्रसाद नैथानी का झुकाव सतपाल महाराज की तरफ है। बसपा वैसे तो पीडीएफ के साथ ही लेकिन वह कैबिनेट मंत्री हरीश रावत के साथ जाने को तैयार नहीं है। ऐसे में यदि खींचतान होती है तो बसपा विधायकों के लिए भी धर्मसंकट खड़ा हो जाएगा।

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