{"_id":"5b524bef4f1c1b38748b6328","slug":"21532120047-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वच्छ पर्यावरण के बिना कैसे स्वस्थ रहेंगे हम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वच्छ पर्यावरण के बिना कैसे स्वस्थ रहेंगे हम
Updated Sat, 21 Jul 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
धाद संस्था के हरेला महोत्सव के तहत शुक्रवार को खिलाड़ियों और खेल गतिविधियों से जुड़े अन्य लोगों ने पौधे लगाकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य के लिए खेलों से ज्यादा स्वच्छ पर्यावरण को आवश्यक बताया। वक्ताओं ने कहा कि साफ-सुथरे पर्यावरण के बिना कोई स्वस्थ नहीं रह सकता। अमर उजाला माहभर तक चलने वाले इस आयोजन का मीडिया पार्टनर है।
शुक्रवार को धाद ने परेड मैदान स्थित जिला खेल कार्यालय में खिलाड़ियों और अन्य लोगों के साथ हरेला मनाया। आकाशवाणी की प्रथम उदघोषिका रहीं डॉ. माधुरी बर्थवाल ने बताया कि हरेला केवल एक पर्व नहीं बल्कि उत्तराखंड के लोक जीवन और संस्कृति का प्रतिबिंब है। खुदेड़ गीतों की एक बड़ी परंपरा इस पर्व के साथ जुड़ी है। उन्होंने बताया कि लड़कियों के मायके आने और सावन के गीतों के साथ जुड़ी हुई लोककथाएं भी इसका हिस्सा हैं। जिला खेल अधिकारी राजेश ममगाईं ने कहा कि खेलों के माध्यम से हम खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने का प्रयास करते हैं। खेल हमें फिट बनाए रखने में सहायक होते हैं।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने वाले खिलाड़ी हर काम में एक्टिव और आगे रहते हैं। पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन की गतिविधियों में भी खेल विभाग बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी करता है। इस वर्ष भी पौधरोपण अभियान में खेल विभाग और खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है। वॉलीबाल के पूर्व खिलाड़ी बलदेव सिंह ने धाद के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रकृति और संस्कृति के मेल का यह पर्व अनूठा है। धाद के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास ने कहा की 2010 में हरेला को आम समाज से जोड़ने का अभियान शुरू किया गया था। इसमें साहित्य, संस्कृति और लोक कलाओं के साथ खेल को जोड़कर समाज के हर तबके तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम में डीसी नौटियाल, रीता भंडारी, राजीव पांथरी, विजय जुयाल, एचवी वर्मा, साकेत रावत, कल्पना बहुगुणा समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
--
तीन खिलाड़ियों को बनाया हरेला अंबेसडर
कार्यक्रम में तीन युवा खिलाड़ियों को हरेला अंबेसडर बनाया गया। उन्होंने एक-एक पौधा लगाया और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। धाद की ओर से उन्हें हरेला अंबेसडर का बैच भी प्रदान किया गया। कर्तव्य, ऋषभ और अपूर्व ने हरेला अंबेसडर बनने के बाद अन्य लोगों से भी पौधे लगाने और उनकी रक्षा का संकल्प लेने की अपील की।
विज्ञापन
धाद संस्था के हरेला महोत्सव के तहत शुक्रवार को खिलाड़ियों और खेल गतिविधियों से जुड़े अन्य लोगों ने पौधे लगाकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य के लिए खेलों से ज्यादा स्वच्छ पर्यावरण को आवश्यक बताया। वक्ताओं ने कहा कि साफ-सुथरे पर्यावरण के बिना कोई स्वस्थ नहीं रह सकता। अमर उजाला माहभर तक चलने वाले इस आयोजन का मीडिया पार्टनर है।
शुक्रवार को धाद ने परेड मैदान स्थित जिला खेल कार्यालय में खिलाड़ियों और अन्य लोगों के साथ हरेला मनाया। आकाशवाणी की प्रथम उदघोषिका रहीं डॉ. माधुरी बर्थवाल ने बताया कि हरेला केवल एक पर्व नहीं बल्कि उत्तराखंड के लोक जीवन और संस्कृति का प्रतिबिंब है। खुदेड़ गीतों की एक बड़ी परंपरा इस पर्व के साथ जुड़ी है। उन्होंने बताया कि लड़कियों के मायके आने और सावन के गीतों के साथ जुड़ी हुई लोककथाएं भी इसका हिस्सा हैं। जिला खेल अधिकारी राजेश ममगाईं ने कहा कि खेलों के माध्यम से हम खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने का प्रयास करते हैं। खेल हमें फिट बनाए रखने में सहायक होते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने वाले खिलाड़ी हर काम में एक्टिव और आगे रहते हैं। पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन की गतिविधियों में भी खेल विभाग बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी करता है। इस वर्ष भी पौधरोपण अभियान में खेल विभाग और खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है। वॉलीबाल के पूर्व खिलाड़ी बलदेव सिंह ने धाद के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रकृति और संस्कृति के मेल का यह पर्व अनूठा है। धाद के अध्यक्ष हर्षमणि व्यास ने कहा की 2010 में हरेला को आम समाज से जोड़ने का अभियान शुरू किया गया था। इसमें साहित्य, संस्कृति और लोक कलाओं के साथ खेल को जोड़कर समाज के हर तबके तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम में डीसी नौटियाल, रीता भंडारी, राजीव पांथरी, विजय जुयाल, एचवी वर्मा, साकेत रावत, कल्पना बहुगुणा समेत अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
--
तीन खिलाड़ियों को बनाया हरेला अंबेसडर
कार्यक्रम में तीन युवा खिलाड़ियों को हरेला अंबेसडर बनाया गया। उन्होंने एक-एक पौधा लगाया और उनकी रक्षा का संकल्प लिया। धाद की ओर से उन्हें हरेला अंबेसडर का बैच भी प्रदान किया गया। कर्तव्य, ऋषभ और अपूर्व ने हरेला अंबेसडर बनने के बाद अन्य लोगों से भी पौधे लगाने और उनकी रक्षा का संकल्प लेने की अपील की।