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गौरीकुंड में पितरों को तर्पण दे सकेंगे श्रद्धालु
Updated Sat, 28 Apr 2018 11:00 PM IST
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गौरीकुंड। केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु इस वर्ष गौरीकुंड में अपने पितरों को तर्पण दे सकेंगे। आपदा के दौरान मलबे में दब गए गौरीमाई मंदिर के समीप स्थित तर्पण कुंड का मलबा हटा दिया गया, जिससे अब यहां श्रद्धालु पितरों को तर्पण दे सकेंगे। यहां पूजा अर्चना के लिए स्थानीय पुजारी बैठे हुए है।
16/17 जून 2013 की आपदा के दौरान जहां गौरीकुंड में तप्त कुंड पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था। वहीं, तर्पण कुंड मलबे में दब गया था। तकरीबन साढ़े चार वर्ष बाद इस वर्ष जनवरी में कुंड की सफाई कर टनों मलबा निकाला गया। अब इस वर्ष से श्रद्धालु इस कुंड में अपने पितरों को गंगा जल व गाय के दूध से तर्पण देकर कर्मकांड की सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। दूसरी तरफ यहां तप्त कुंड में अभी भी श्रद्धालुओं स्नान नहीं कर पाएंगे। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। ग्राम प्रधान राकेश गोस्वामी, व्यापार संघ अध्यक्ष कुलानंद गोस्वामी, वन पंचायत सरपंच नरोत्तम गोस्वामी का कहना है, कि आपदा को गुजरे पांच वर्ष होने को है, लेकिन गौरीकुंड में यात्रा की मूलभूत सुविधाएं नहीं जुट पाई है। शासन-प्रशासन आपदा प्रभावितों को सहयोग करने के बजाय उन्हें अलग-अलग कारणों से परेशान करता आ रहा है। ऐसे में कस्बे को यात्रा का वह मुकाम नहीं मिल पा रहा है, जिसके लिए वह प्रसिद्ध था। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि अगले एक सप्ताह में यहां पर सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद की जाएंगी। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट को तत्काल बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए है।
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16/17 जून 2013 की आपदा के दौरान जहां गौरीकुंड में तप्त कुंड पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था। वहीं, तर्पण कुंड मलबे में दब गया था। तकरीबन साढ़े चार वर्ष बाद इस वर्ष जनवरी में कुंड की सफाई कर टनों मलबा निकाला गया। अब इस वर्ष से श्रद्धालु इस कुंड में अपने पितरों को गंगा जल व गाय के दूध से तर्पण देकर कर्मकांड की सभी औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे। दूसरी तरफ यहां तप्त कुंड में अभी भी श्रद्धालुओं स्नान नहीं कर पाएंगे। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। ग्राम प्रधान राकेश गोस्वामी, व्यापार संघ अध्यक्ष कुलानंद गोस्वामी, वन पंचायत सरपंच नरोत्तम गोस्वामी का कहना है, कि आपदा को गुजरे पांच वर्ष होने को है, लेकिन गौरीकुंड में यात्रा की मूलभूत सुविधाएं नहीं जुट पाई है। शासन-प्रशासन आपदा प्रभावितों को सहयोग करने के बजाय उन्हें अलग-अलग कारणों से परेशान करता आ रहा है। ऐसे में कस्बे को यात्रा का वह मुकाम नहीं मिल पा रहा है, जिसके लिए वह प्रसिद्ध था। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि अगले एक सप्ताह में यहां पर सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद की जाएंगी। उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट को तत्काल बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए है।
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