{"_id":"5a9c58534f1c1bf17b8ba7eb","slug":"21520195667-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कथा-कीर्तन को ही भक्ति मान लेते हैं लोग : खंडूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कथा-कीर्तन को ही भक्ति मान लेते हैं लोग : खंडूरी
Updated Mon, 05 Mar 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
आस्तिक जगत में भक्ति का विशेष महत्व है। अधिकतर लोग कथा-कीर्तन आदि को ही भक्ति मानते हैं। उनका विश्वास है कि भक्ति से खुश होकर भगवान फल देंगे, दर्शन देंगे। यह बातें ज्ञान प्रचारक मंसाराम खंडूड़ी ने रविवार को बालावाला में आयोजित सत्संग के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि भक्ति का आरंभ ही तब होता है जब प्रभु को पाकर उनके साथ नाता जोड़ लिया जाता है। कार्यक्रम में पुष्पा बिष्ट, अरुण खत्री आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
आस्तिक जगत में भक्ति का विशेष महत्व है। अधिकतर लोग कथा-कीर्तन आदि को ही भक्ति मानते हैं। उनका विश्वास है कि भक्ति से खुश होकर भगवान फल देंगे, दर्शन देंगे। यह बातें ज्ञान प्रचारक मंसाराम खंडूड़ी ने रविवार को बालावाला में आयोजित सत्संग के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि भक्ति का आरंभ ही तब होता है जब प्रभु को पाकर उनके साथ नाता जोड़ लिया जाता है। कार्यक्रम में पुष्पा बिष्ट, अरुण खत्री आदि मौजूद रहे।