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नृसिंह मंदिर में काटा 80 किलो का रोट
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:23 PM IST
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देवप्रयाग (ब्यूरो)। चपोली गांव में नृसिंह नारायण देवता की मूर्ति को नवनिर्मित मंदिर में स्थापित किए जाने के बाद अस्सी किलो आटे का रोट चढ़ाया गया। पौड़ीखाल क्षेत्र के प्रसिद्ध देवता के रूप पूजे जाने वाले नृसिंह देवता की नए मंदिर में स्थापना पर करीब तीस गांवों से श्रद्धालु पहुंचे थे।
नृसिंह मंदिर के जर्जर होने पर क्षेत्रवासियों ने सहयोग से करीब 22 लाख की लागत से नए मंदिर का निर्माण कराया है। बृहस्पतिवार को इस मंदिर में मूर्ति स्थापित की गई। पूजा के दौरान 80 किलो आटे का रोट काटा गया। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख जयपाल पंवार ने क्षेत्र की खुशहाली के लिए पूजा-अर्चना भी की।
ऐसे बनता है रोट : रोट बनाने की तैयारी एक दिन पहले से की जाती है। सबसे पहले कोयले को चार घंटे जलाया जाता है। जिसमें से आधा अलग कर दिया जाता है। उसके बाद घी, शहद व दूध में 80 किलो आटा गूंथा जाता है। आटे को केले के पत्तों में लपेटकर अंगारों से ढक दिया जाता है। रोट को करीब आठ घंटे बाद अगली सुबह निकाला जाता है।
नृसिंह मंदिर के जर्जर होने पर क्षेत्रवासियों ने सहयोग से करीब 22 लाख की लागत से नए मंदिर का निर्माण कराया है। बृहस्पतिवार को इस मंदिर में मूर्ति स्थापित की गई। पूजा के दौरान 80 किलो आटे का रोट काटा गया। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख जयपाल पंवार ने क्षेत्र की खुशहाली के लिए पूजा-अर्चना भी की।
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ऐसे बनता है रोट : रोट बनाने की तैयारी एक दिन पहले से की जाती है। सबसे पहले कोयले को चार घंटे जलाया जाता है। जिसमें से आधा अलग कर दिया जाता है। उसके बाद घी, शहद व दूध में 80 किलो आटा गूंथा जाता है। आटे को केले के पत्तों में लपेटकर अंगारों से ढक दिया जाता है। रोट को करीब आठ घंटे बाद अगली सुबह निकाला जाता है।
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