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सिंचाई विभाग और नगर निगम में रार
Updated Thu, 22 Jun 2017 10:51 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
कांवड़ मेला व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र में वाहन पार्किंग का ठेका देने को लेकर सिंचाई विभाग और नगर निगम में रार बढ़ती जा रही है।
सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिशासी अभियंता डीके सिंह ने कहा कि नगर निगम को सफाई के नाम पर सिंचाई विभाग के स्वामित्व की मेला भूमि पर पार्किंग का ठेका नहीं देने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां तक सफाई की बात है, नगर निगम नहीं करेगा तो सिंचाई विभाग सफाई का भी ठेका पार्किंग वालों को दे देगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम सिंचाई विभाग की भूमि पर पार्किंग का अधिकार तथा आय में 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी को लेकर हाईकोर्ट तक गया था। हाईकोर्ट ने उनकी दलील को नहीं मानी और सिंचाई सचिव को अंतिम निर्णय करने के लिए आरबीट्रेट नियुक्त किया था। सिंचाई सचिव ने दोनों पक्षों के दावों को सुनने के बाद स्पष्ट आदेश पारित किया था कि सिंचाई विभाग की भूमि पर नगर निगम का किसी प्रकार का अधिकार नहीं बनता है। इसके बावजूद मेयर सिंचाई विभाग की भूमि पर वाहन पार्किंग तथा कांवड़ बाजार का ठेका देने पर आमादा है। मेयर प्रदेेश में भाजपा की सरकार होने का दबाव बनाकर अपनी चलाना चाहते हैं, परंतु सिंचाई विभाग के ठेकों व अन्य कारोबार में सक्रिय भाजपा की लॉबी मेयर के खिलाफ खड़ी हो गई है। इस लड़ाई में सिंचाई मंत्री के कुछ करीबियों के भी सक्रिय होने की सुगबुगाहट है। उधर, नगर निगम ने बृहस्पतिवार को कांवड़ बाजार के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरा करा ली है।
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हरिद्वार।
कांवड़ मेला व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र में वाहन पार्किंग का ठेका देने को लेकर सिंचाई विभाग और नगर निगम में रार बढ़ती जा रही है।
सिंचाई खंड हरिद्वार के अधिशासी अभियंता डीके सिंह ने कहा कि नगर निगम को सफाई के नाम पर सिंचाई विभाग के स्वामित्व की मेला भूमि पर पार्किंग का ठेका नहीं देने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहां तक सफाई की बात है, नगर निगम नहीं करेगा तो सिंचाई विभाग सफाई का भी ठेका पार्किंग वालों को दे देगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम सिंचाई विभाग की भूमि पर पार्किंग का अधिकार तथा आय में 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी को लेकर हाईकोर्ट तक गया था। हाईकोर्ट ने उनकी दलील को नहीं मानी और सिंचाई सचिव को अंतिम निर्णय करने के लिए आरबीट्रेट नियुक्त किया था। सिंचाई सचिव ने दोनों पक्षों के दावों को सुनने के बाद स्पष्ट आदेश पारित किया था कि सिंचाई विभाग की भूमि पर नगर निगम का किसी प्रकार का अधिकार नहीं बनता है। इसके बावजूद मेयर सिंचाई विभाग की भूमि पर वाहन पार्किंग तथा कांवड़ बाजार का ठेका देने पर आमादा है। मेयर प्रदेेश में भाजपा की सरकार होने का दबाव बनाकर अपनी चलाना चाहते हैं, परंतु सिंचाई विभाग के ठेकों व अन्य कारोबार में सक्रिय भाजपा की लॉबी मेयर के खिलाफ खड़ी हो गई है। इस लड़ाई में सिंचाई मंत्री के कुछ करीबियों के भी सक्रिय होने की सुगबुगाहट है। उधर, नगर निगम ने बृहस्पतिवार को कांवड़ बाजार के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरा करा ली है।