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वकीलों की चेतावनी के बाद ऑनलाइन पेमेंट का आदेश निरस्त
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ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। जमीनों की रजिस्ट्री के समय टैक्स ऑनलाइन जमा कराने संबंधी आदेश को वकीलों की चेतावनी के बाद शासन ने वापस ले लिया है। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कार्यालय में स्वैप मशीन लगाने का सुझाव दिया। प्रशासन ने इसके लिए छह मार्च तक निर्णय लेने की बात कही है।
बृहस्पतिवार को जब कुछ लोग अधिवक्ताओं के साथ रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे तो वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने नगद भुगतान लेने से इनकार कर दिया। बताया गया कि रजिस्ट्री के वक्त लिया जाने वाले दो प्रतिशत टैक्स ऑनलाइन ई-बैंकिंग के माध्यम से जमा कराने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इस पर वहां से लौटे अधिवक्ताओं ने इस मुद्दे को बार एसोसिएशन में उठाया तो अधिवक्ता एकत्रित हो गए और सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंच गए। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने सब रजिस्ट्रार से वार्ता की और निर्णय को पूरी तरह अव्यवहारिक बताया। बोले, यह मुमकिन नहीं कि हर किसी के पास ई-बैंकिंग व्यवस्था हो। ज्यादातर पहाड़ के लोगों के पास डेबिट कार्ड तक नहीं होता। ऐसे में यह व्यवस्था पहाड़ के लोगों के हक में नहीं है। इस पर अधिवक्ताओं ने सब रजिस्ट्रार को चेतावनी दी यदि 30 मिनट के भीतर यह निर्णय वापस नहीं लिया तो वे तालाबंदी कर देंगे। इस पर सब रजिस्ट्रार ने शासन से वार्ता की और निर्णय वापस ले लिया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने मौके परर स्वैप मशीन लगाने का सुझाव दिया। मनमोहन कंडवाल ने बताया कि प्रशासन ने छह मार्च तक स्वैप मशीन लगाने की बात कही है। तब तक टैक्स नगद जमा होगा। यदि छह मार्च के बाद भी स्वैप मशीन की व्यवस्था नहीं हुई तो वे अधिवक्ताओं के साथ सब रजिस्ट्रार कार्यालय में तालाबंदी कर देंगे। इस दौरान मौके पर बार एसोसिएशन सचिव अनिल शर्मा, अधिवक्ता अरुण खन्ना आदि मौजूद रहे।
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देहरादून। जमीनों की रजिस्ट्री के समय टैक्स ऑनलाइन जमा कराने संबंधी आदेश को वकीलों की चेतावनी के बाद शासन ने वापस ले लिया है। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कार्यालय में स्वैप मशीन लगाने का सुझाव दिया। प्रशासन ने इसके लिए छह मार्च तक निर्णय लेने की बात कही है।
बृहस्पतिवार को जब कुछ लोग अधिवक्ताओं के साथ रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे तो वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने नगद भुगतान लेने से इनकार कर दिया। बताया गया कि रजिस्ट्री के वक्त लिया जाने वाले दो प्रतिशत टैक्स ऑनलाइन ई-बैंकिंग के माध्यम से जमा कराने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इस पर वहां से लौटे अधिवक्ताओं ने इस मुद्दे को बार एसोसिएशन में उठाया तो अधिवक्ता एकत्रित हो गए और सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंच गए। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने सब रजिस्ट्रार से वार्ता की और निर्णय को पूरी तरह अव्यवहारिक बताया। बोले, यह मुमकिन नहीं कि हर किसी के पास ई-बैंकिंग व्यवस्था हो। ज्यादातर पहाड़ के लोगों के पास डेबिट कार्ड तक नहीं होता। ऐसे में यह व्यवस्था पहाड़ के लोगों के हक में नहीं है। इस पर अधिवक्ताओं ने सब रजिस्ट्रार को चेतावनी दी यदि 30 मिनट के भीतर यह निर्णय वापस नहीं लिया तो वे तालाबंदी कर देंगे। इस पर सब रजिस्ट्रार ने शासन से वार्ता की और निर्णय वापस ले लिया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने मौके परर स्वैप मशीन लगाने का सुझाव दिया। मनमोहन कंडवाल ने बताया कि प्रशासन ने छह मार्च तक स्वैप मशीन लगाने की बात कही है। तब तक टैक्स नगद जमा होगा। यदि छह मार्च के बाद भी स्वैप मशीन की व्यवस्था नहीं हुई तो वे अधिवक्ताओं के साथ सब रजिस्ट्रार कार्यालय में तालाबंदी कर देंगे। इस दौरान मौके पर बार एसोसिएशन सचिव अनिल शर्मा, अधिवक्ता अरुण खन्ना आदि मौजूद रहे।
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