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उतराखंड बोर्ड में अगले साल से नहीं मिलेगा कृपांक
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उत्तराखंड बोर्ड में अगले साल से नहीं मिलेगा कृपांक
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में अगले वर्ष से छात्र कृपांक लेकर उत्तीर्ण नहीं होंगे। इसके बजाय उन्हें सीबीएसई की तर्ज पर कंपार्टमेंट देनी होगी। शिक्षा मंत्री के निर्देश पर बोर्ड ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
बीती 18 दिसंबर को हुई बैठक में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने अधिकारियों को इस व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। अभी 40 फीसदी से ज्यादा अंक होने पर छात्रों को दो विषयों में अधिकतम आठ अंकों का कृपांक दिया जा सकता है। पूरी तरह एनसीईआरटी पैटर्न को अपना चुके शिक्षा विभाग ने सीबीएसई की इस व्यवस्था को भी अपनाने का फैसला किया है।
उत्तराखंड बोर्ड के सभापति आरके कुंवर ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देश पर यह प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इस वर्ष यह व्यवस्था लागू नहीं की जा सकती। अगले वर्ष से इसे लागू करने के लिए प्रस्ताव को बोर्ड में रखा जाएगा।
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देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में अगले वर्ष से छात्र कृपांक लेकर उत्तीर्ण नहीं होंगे। इसके बजाय उन्हें सीबीएसई की तर्ज पर कंपार्टमेंट देनी होगी। शिक्षा मंत्री के निर्देश पर बोर्ड ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
बीती 18 दिसंबर को हुई बैठक में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने अधिकारियों को इस व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए थे। अभी 40 फीसदी से ज्यादा अंक होने पर छात्रों को दो विषयों में अधिकतम आठ अंकों का कृपांक दिया जा सकता है। पूरी तरह एनसीईआरटी पैटर्न को अपना चुके शिक्षा विभाग ने सीबीएसई की इस व्यवस्था को भी अपनाने का फैसला किया है।
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उत्तराखंड बोर्ड के सभापति आरके कुंवर ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देश पर यह प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इस वर्ष यह व्यवस्था लागू नहीं की जा सकती। अगले वर्ष से इसे लागू करने के लिए प्रस्ताव को बोर्ड में रखा जाएगा।
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