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संस्कारवान शिक्षा बेहद जरूरी : शाही
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि वैदिक संस्कृति के उत्थान में पतंजलि गुुरुकुलम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा को संस्कारों और गुणवत्ता से परिपूर्ण बनाना बेहद जरूरी है। शिक्षा के क्षेत्र में पतंजलि योगपीठ की सेवाओं को उन्होंने सराहा। शाही ने कहा कि वैदिक संस्कृति के उत्थान में पतंजलि गुुरुकुलम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हरिद्वार प्रवास के दौरान मंगलवार को पतंजलि पहुंचे सूर्य प्रताप शाही ने योग गुरु स्वामी रामदेव और आर्चाय बालकृष्ण से मुलाकात करने के साथ ही पतंजलि गुरुकुलम के विशेष कार्यक्रम ‘विद्यार्थी संस्कार शिविर’ के समापन सत्र में भाग लिया। उन्होंने बच्चों से जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पतंजलि में पढ़ने वाले बच्चों का यह सौभाग्य है कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का परम सानिध्य उन्हें मिल रहा है। इस दौरान स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि योगपीठ के माध्यम से योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, अनुसंधान, कृषि व स्वदेशी क्रांति के बाद अब शिक्षा क्रांति का आरंभ हो रहा है। पतंजलि गुरुकुलम इसी क्रांति का एक प्रमुख चरण है। उन्होंने कहा कि यह वैदिक शिक्षा और ऋषि ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में अभिनव क्रांति है। यहां अध्ययनरत विद्यार्थी ऋषियों की संस्कृति को अंगीकार कर भारतीय संस्कृति के गौरवमयी इतिहास का पुनर्जागरण करेंगे। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि गुरुकुलम में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अष्टाध्यायी, महाभाष्य, गीता, उपनिषद्, वेद-वेदांग आदि ज्ञान परंपरा में पारंगत कर, उन्हें मानसिक और बौद्घिक तौर पर सुदृढ़ किया जाएगा। यहां से दीक्षित विद्यार्थी देश-विदेश में आध्यात्मिक भारत की पताका फहराएंगे।
इससे पूर्व कृषि मंत्री ने आचार्य बालकृष्ण से उत्तर प्रदेश में किसानों और परंपरागत कृषि की बिगड़ती दशा सुधरने के लिए भी चर्चा की। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कृषि सेवाओं के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। पतंजलि के माध्यम से उत्तर प्रदेश में अनेक कृषि कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनके विस्तार के लिए हम सदैव प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय जैविक उत्पादों का है। विदेशों में जैविक उत्पादों की माँग निरंतर बढ़ रही है। रसायन युक्त कृषि उत्पादों के दुष्परिणाम से वे परिचित हो चुके हैं। इसी कारण जैविक कृषि उत्पादों के दाम में तेजी से उछाल आया है। शाही ने पतंजलि की विभिन्न इकाईंयों में चल रही गतिविधियों को भी देखा।
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उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि वैदिक संस्कृति के उत्थान में पतंजलि गुुरुकुलम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा को संस्कारों और गुणवत्ता से परिपूर्ण बनाना बेहद जरूरी है। शिक्षा के क्षेत्र में पतंजलि योगपीठ की सेवाओं को उन्होंने सराहा। शाही ने कहा कि वैदिक संस्कृति के उत्थान में पतंजलि गुुरुकुलम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हरिद्वार प्रवास के दौरान मंगलवार को पतंजलि पहुंचे सूर्य प्रताप शाही ने योग गुरु स्वामी रामदेव और आर्चाय बालकृष्ण से मुलाकात करने के साथ ही पतंजलि गुरुकुलम के विशेष कार्यक्रम ‘विद्यार्थी संस्कार शिविर’ के समापन सत्र में भाग लिया। उन्होंने बच्चों से जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पतंजलि में पढ़ने वाले बच्चों का यह सौभाग्य है कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का परम सानिध्य उन्हें मिल रहा है। इस दौरान स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि योगपीठ के माध्यम से योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, अनुसंधान, कृषि व स्वदेशी क्रांति के बाद अब शिक्षा क्रांति का आरंभ हो रहा है। पतंजलि गुरुकुलम इसी क्रांति का एक प्रमुख चरण है। उन्होंने कहा कि यह वैदिक शिक्षा और ऋषि ज्ञान परंपरा के क्षेत्र में अभिनव क्रांति है। यहां अध्ययनरत विद्यार्थी ऋषियों की संस्कृति को अंगीकार कर भारतीय संस्कृति के गौरवमयी इतिहास का पुनर्जागरण करेंगे। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि गुरुकुलम में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अष्टाध्यायी, महाभाष्य, गीता, उपनिषद्, वेद-वेदांग आदि ज्ञान परंपरा में पारंगत कर, उन्हें मानसिक और बौद्घिक तौर पर सुदृढ़ किया जाएगा। यहां से दीक्षित विद्यार्थी देश-विदेश में आध्यात्मिक भारत की पताका फहराएंगे।
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इससे पूर्व कृषि मंत्री ने आचार्य बालकृष्ण से उत्तर प्रदेश में किसानों और परंपरागत कृषि की बिगड़ती दशा सुधरने के लिए भी चर्चा की। आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कृषि सेवाओं के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। पतंजलि के माध्यम से उत्तर प्रदेश में अनेक कृषि कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनके विस्तार के लिए हम सदैव प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय जैविक उत्पादों का है। विदेशों में जैविक उत्पादों की माँग निरंतर बढ़ रही है। रसायन युक्त कृषि उत्पादों के दुष्परिणाम से वे परिचित हो चुके हैं। इसी कारण जैविक कृषि उत्पादों के दाम में तेजी से उछाल आया है। शाही ने पतंजलि की विभिन्न इकाईंयों में चल रही गतिविधियों को भी देखा।
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