{"_id":"5c2146afbdec2256cb724217","slug":"201545684655-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम से वार्ता के बाद आईएमए ने टाली तालाबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम से वार्ता के बाद आईएमए ने टाली तालाबंदी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से वार्ता के बाद भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) से जुड़े निजी अस्पताल संचालकों व चिकित्सकों ने मंगलवार से प्रस्तावित तालाबंदी का फैसला टाल दिया है। वार्ता में क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन किए जाने पर सहमति बनी है।
बता दें, क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के स्थान पर उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट लागू करने की मांग पर भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने मंगलवार से तालाबंदी करने की चेतावनी दी थी। इसी क्रम में सोमवार को आईएमए से जुड़े निजी अस्पताल, नर्सिंगहोम व क्लीनिक संचालकों और चिकित्सकों ने शाम को ओपीडी बंद रखकर विरोध जताया। हालांकि सुबह ओपीडी खुली होने के कारण शाम को बंदी का बहुत ज्यादा असर नहीं रहा। सोमवार देर रात में आईएमए पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और स्वास्थ्य सचिव नितेश कुमार झा से मुलाकात की। आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. सुमन सेठी ने बताया कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य सचिव ने सभी चिकित्सालयों के अनिवार्य पंजीकरण पर जोर दिया है। उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट लागू करने की मांग पर कोई बात नहीं बनी है, लेकिन क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संघ के सुझावों के आधार पर संशोधन का आश्वासन मिला है। इसके बाद मंगलवार से प्रस्तावित तालाबंदी स्थगित कर दी गई है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से वार्ता के बाद भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) से जुड़े निजी अस्पताल संचालकों व चिकित्सकों ने मंगलवार से प्रस्तावित तालाबंदी का फैसला टाल दिया है। वार्ता में क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन किए जाने पर सहमति बनी है।
बता दें, क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के स्थान पर उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट लागू करने की मांग पर भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने मंगलवार से तालाबंदी करने की चेतावनी दी थी। इसी क्रम में सोमवार को आईएमए से जुड़े निजी अस्पताल, नर्सिंगहोम व क्लीनिक संचालकों और चिकित्सकों ने शाम को ओपीडी बंद रखकर विरोध जताया। हालांकि सुबह ओपीडी खुली होने के कारण शाम को बंदी का बहुत ज्यादा असर नहीं रहा। सोमवार देर रात में आईएमए पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और स्वास्थ्य सचिव नितेश कुमार झा से मुलाकात की। आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. सुमन सेठी ने बताया कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य सचिव ने सभी चिकित्सालयों के अनिवार्य पंजीकरण पर जोर दिया है। उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट लागू करने की मांग पर कोई बात नहीं बनी है, लेकिन क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संघ के सुझावों के आधार पर संशोधन का आश्वासन मिला है। इसके बाद मंगलवार से प्रस्तावित तालाबंदी स्थगित कर दी गई है।
विज्ञापन