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प्रवेश परीक्षा व इंटरव्यू के आधार पर पीएचडी पंजीकरण
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:38 AM IST
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प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर होगा पीएचडी पंजीकरण
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। अब पीएचडी करने के लिए प्रवेश परीक्षा के साथ ही इंटरव्यू अनिवार्य होगा। इसके बिना पीएचडी में पंजीकरण नहीं हो पाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रेगुलेशन-2016 में यह संशोधन किया गया है।
यूजीसी की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, पीएचडी या एमफिल करने के लिए एक और संशोधन यूजीसी रेगुलेशन-2016 में किया गया है। किसी भी विश्वविद्यालय में पीएचडी या एमफिल पंजीकरण के लिए प्रवेश परीक्षा के 70 प्रतिशत और मौखिक परीक्षा या इंटरव्यू के 30 प्रतिशत अंक जोड़े जाएंगे। इसके बाद ही पंजीकरण के लिए मेरिट जारी की जाएगी। अगर छात्र इन दोनों को पूरा नहीं करेगा तो उसका पंजीकरण मान्य नहीं होगा।
यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, यह बदलाव पीएचडी या एमफिल की डिग्री प्रदान करने के लिए जरूरी होगा। हालांकि उत्तराखंड में गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय पहले से ही इस नियम का पालन कर रहा है जबकि राज्य विश्वविद्यालयों में केवल प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही पंजीकरण हो रहे थे।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। अब पीएचडी करने के लिए प्रवेश परीक्षा के साथ ही इंटरव्यू अनिवार्य होगा। इसके बिना पीएचडी में पंजीकरण नहीं हो पाएगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के रेगुलेशन-2016 में यह संशोधन किया गया है।
यूजीसी की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, पीएचडी या एमफिल करने के लिए एक और संशोधन यूजीसी रेगुलेशन-2016 में किया गया है। किसी भी विश्वविद्यालय में पीएचडी या एमफिल पंजीकरण के लिए प्रवेश परीक्षा के 70 प्रतिशत और मौखिक परीक्षा या इंटरव्यू के 30 प्रतिशत अंक जोड़े जाएंगे। इसके बाद ही पंजीकरण के लिए मेरिट जारी की जाएगी। अगर छात्र इन दोनों को पूरा नहीं करेगा तो उसका पंजीकरण मान्य नहीं होगा।
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यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, यह बदलाव पीएचडी या एमफिल की डिग्री प्रदान करने के लिए जरूरी होगा। हालांकि उत्तराखंड में गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय पहले से ही इस नियम का पालन कर रहा है जबकि राज्य विश्वविद्यालयों में केवल प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही पंजीकरण हो रहे थे।
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