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नकली राजधानी दून नहीं असली गैरसैंण चाहिए
Updated Thu, 20 Sep 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
राजधानी गैरसैंण निर्माण अभियान के तहत तीसरे दिन बुधवार को भी प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर जमे रहे। प्रदर्शनकारियों ने राज्य आंदोलन के शहीदों और प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए देहरादून को स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग की।
बुधवार को धरनास्थल पर तीन युवा लुसुन टोडरिया, हृदयेश शाही और नमन चन्दोला उपवास पर बैठे। तीनों प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अलग राज्य निर्माण से पहले तक देहरादून का कहीं नाम नहीं था। देहरादून को अस्थाई राजधानी घोषित किया गया। तब सरकारों ने निकम्मापन दिखाते हुए देहरादून को राजधानी बना दिया। उन्होंने कहा कि गैरसैंण राज्य की जनता की भावनाओं की राजधानी है और दून सरकारों की पसंद। उन्होंने कहा कि दून नहीं बल्कि गैरसैंण राज्य की असली राजधानी होनी चाहिए। आंदोलनकारी प्रदीप कुकरेती ने कहा कि अब तक भाजपा और कांग्रेस गैरसैंण राजधानी के नाम पर प्रदेश की जनता को छलते आए हैं। अलग राज्य की लड़ाई के वक्त गैरसैंण राजधानी का सपना देखा गया था। सरकार को जनभावना का सम्मान करते हुए गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित करना चाहिए।
धरना प्रदर्शन करने वालों में डीडी पांडे, सचिन थपलियाल, मनोज पांगती, वीरेंद्र सिंह रावत, मनोज पांगती, गोविंद जुयाल, रघुवीर बिष्ट, लक्ष्मी प्रकाश गौड़, सौरव ममगाईं, प्रशांत बडोनी, राजेंद्र चौहान, अतीफ समेत अन्य शामिल रहे।
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आज होगा बुद्धि शुद्धि यज्ञ
प्रदर्शनकारी बृहस्पतिवार को सरकारी की बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ करेंगे। राज्य आंदोलनकारी प्रदीप कुकरेती ने बताया कि दोपहर 12 बजे से बुद्धि शुद्धि यज्ञ शुरू होगा।
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राजधानी गैरसैंण निर्माण अभियान के तहत तीसरे दिन बुधवार को भी प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर जमे रहे। प्रदर्शनकारियों ने राज्य आंदोलन के शहीदों और प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए देहरादून को स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग की।
बुधवार को धरनास्थल पर तीन युवा लुसुन टोडरिया, हृदयेश शाही और नमन चन्दोला उपवास पर बैठे। तीनों प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अलग राज्य निर्माण से पहले तक देहरादून का कहीं नाम नहीं था। देहरादून को अस्थाई राजधानी घोषित किया गया। तब सरकारों ने निकम्मापन दिखाते हुए देहरादून को राजधानी बना दिया। उन्होंने कहा कि गैरसैंण राज्य की जनता की भावनाओं की राजधानी है और दून सरकारों की पसंद। उन्होंने कहा कि दून नहीं बल्कि गैरसैंण राज्य की असली राजधानी होनी चाहिए। आंदोलनकारी प्रदीप कुकरेती ने कहा कि अब तक भाजपा और कांग्रेस गैरसैंण राजधानी के नाम पर प्रदेश की जनता को छलते आए हैं। अलग राज्य की लड़ाई के वक्त गैरसैंण राजधानी का सपना देखा गया था। सरकार को जनभावना का सम्मान करते हुए गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित करना चाहिए।
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धरना प्रदर्शन करने वालों में डीडी पांडे, सचिन थपलियाल, मनोज पांगती, वीरेंद्र सिंह रावत, मनोज पांगती, गोविंद जुयाल, रघुवीर बिष्ट, लक्ष्मी प्रकाश गौड़, सौरव ममगाईं, प्रशांत बडोनी, राजेंद्र चौहान, अतीफ समेत अन्य शामिल रहे।
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आज होगा बुद्धि शुद्धि यज्ञ
प्रदर्शनकारी बृहस्पतिवार को सरकारी की बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ करेंगे। राज्य आंदोलनकारी प्रदीप कुकरेती ने बताया कि दोपहर 12 बजे से बुद्धि शुद्धि यज्ञ शुरू होगा।