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चमोली: बाड़ाहोती में फिर हुई चीनी घुसपैठ
Updated Wed, 12 Sep 2018 09:48 PM IST
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गोपेश्वर। उत्तराखंड में चमोली जिले के सीमावर्ती बाड़ाहोती क्षेत्र में चीनी घुसपैठ थमने को नहीं है। सूत्र बताते हैं कि अगस्त माह में चीनी सैनिकों ने तीन बार सीमावर्ती क्षेत्र में घुसपैठ की है। 15 अगस्त को चीनी सैनिक करीब 400 मीटर तक भारतीय सीमा में घुस आए थे। हालांकि भारतीय सैनिकों ने उनकी घुसपैठ को नाकाम कर दिया। इधर, चमोली की जिलाधिकारी स्वाती एस भदौरिया ने बाड़ाहोती क्षेत्र में चीनी सैनिकों के घुसपैठ की किसी भी सूचना से इंकार किया है।
भारत और चीन के बीच बाड़ाहोती क्षेत्र 80 वर्ग किलोमीटर में फैला चारागाह है। दोनों देश इस क्षेत्र पर अपना दावा करते हैं। यही वजह है कि चीन बार-बार यहां सीमा उल्लंघन करता है। सूत्रों के अनुसार पिछले माह चार, 14 और 15 अगस्त को चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस आए थे, जिन्हें भारतीय सेना ने वापस खदेड़ दिया। इससे पहले जुलाई माह में भी चीनी सैनिकों की ओर से करीब पांच बार घुसपैठ की गई थी। तब चीनी सैनिक छोटे वाहनों के जरिए और घोड़े में सवार होकर बाड़ाहोती में बहने वाली होतीगाड़ के समीप तुनजुन ला के पास तक भारतीय सीमा में घुस आए थे।
बाड़ाहोती का निरीक्षण कर लौटी प्रशासन की टीम
गोपेश्वर। चीन सीमा क्षेत्र की रेकी के लिए गई जिला प्रशासन की टीम मंगलवार को लौट आई है। टीम चार सितंबर को सीमा क्षेत्र के निरीक्षण को गई थी। बता दें कि चमोली जिला प्रशासन की टीम वर्षभर में चार बार सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती के स्थलीय निरीक्षण के लिए जाती है। सीमा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए प्रशासन की टीम सैन्य बल के साथ होतीगाड और बाड़ाहोती एरिया तक पहुंचती है। ब्यूरो
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सीमा क्षेत्र में कई बार घुसपैठ कर चुका है चीन----
-चमोली जिले से लगे सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती में चीन की ओर से कई बार घुसपैठ की कोशिश की जा चुकी है। वर्ष 2014 में एक चीनी हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में काफी देर तक मंडराता रहा।
-वर्ष 2015 में चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में पहुंचकर चरवाहों का खाद्यान्न नष्ट कर दिया था।
-वर्ष 2016 में सीमा क्षेत्र के निरीक्षण पर गई चमोली प्रशासन की टीम का भी चीनी सैनिकों से सामना हुआ था।
-वर्ष 2017 में तीन जून को बाड़ाहोती क्षेत्र में दो चीनी हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में करीब तीन मिनट तक मंडराते रहे।
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भारत और चीन के बीच बाड़ाहोती क्षेत्र 80 वर्ग किलोमीटर में फैला चारागाह है। दोनों देश इस क्षेत्र पर अपना दावा करते हैं। यही वजह है कि चीन बार-बार यहां सीमा उल्लंघन करता है। सूत्रों के अनुसार पिछले माह चार, 14 और 15 अगस्त को चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस आए थे, जिन्हें भारतीय सेना ने वापस खदेड़ दिया। इससे पहले जुलाई माह में भी चीनी सैनिकों की ओर से करीब पांच बार घुसपैठ की गई थी। तब चीनी सैनिक छोटे वाहनों के जरिए और घोड़े में सवार होकर बाड़ाहोती में बहने वाली होतीगाड़ के समीप तुनजुन ला के पास तक भारतीय सीमा में घुस आए थे।
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बाड़ाहोती का निरीक्षण कर लौटी प्रशासन की टीम
गोपेश्वर। चीन सीमा क्षेत्र की रेकी के लिए गई जिला प्रशासन की टीम मंगलवार को लौट आई है। टीम चार सितंबर को सीमा क्षेत्र के निरीक्षण को गई थी। बता दें कि चमोली जिला प्रशासन की टीम वर्षभर में चार बार सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती के स्थलीय निरीक्षण के लिए जाती है। सीमा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए प्रशासन की टीम सैन्य बल के साथ होतीगाड और बाड़ाहोती एरिया तक पहुंचती है। ब्यूरो
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सीमा क्षेत्र में कई बार घुसपैठ कर चुका है चीन----
-चमोली जिले से लगे सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती में चीन की ओर से कई बार घुसपैठ की कोशिश की जा चुकी है। वर्ष 2014 में एक चीनी हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में काफी देर तक मंडराता रहा।
-वर्ष 2015 में चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में पहुंचकर चरवाहों का खाद्यान्न नष्ट कर दिया था।
-वर्ष 2016 में सीमा क्षेत्र के निरीक्षण पर गई चमोली प्रशासन की टीम का भी चीनी सैनिकों से सामना हुआ था।
-वर्ष 2017 में तीन जून को बाड़ाहोती क्षेत्र में दो चीनी हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में करीब तीन मिनट तक मंडराते रहे।